Kavad Yatra 2026: बांका में एआई कैमरों से होगी कांवड़ियों की गिनती, पांच जगहों पर बनाया गया टेंट सिटी

बांका में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का उद्घाटन 30 जुलाई को होने जा रहा है। इस मेले के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, सुविधा और तकनीक के समन्वय के साथ व्यापक तैय
बांका में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का उद्घाटन 30 जुलाई को होने जा रहा है। इस मेले के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, सुविधा और तकनीक के समन्वय के साथ व्यापक तैयारियां की हैं। जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल और एसपी अमितेश कुमार ने मेले की तैयारियों के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष का श्रावणी मेला अब तक का सबसे व्यवस्थित और ऐतिहासिक होगा। इस बार कांवड़ियों के ठहरने के लिए पांच स्थानों पर टेंट सिटी बनाई गई है, जिसमें लगभग 1850 कांवड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक टेंट सिटी में पेयजल, शौचालय, बिजली, चिकित्सा और सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए प्रतिदिन शाम को लेजर शो का आयोजन भी किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेले का उद्घाटन धौरी के बजाय अबरखा में होगा, जिसमें कई मंत्री और गणमान्य लोग शामिल होंगे। मेले के संचालन के लिए 16 कोषांग गठित किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है। ये अधिकारी प्रतिदिन अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगे। पहली बार धौरी और दुम्मा में एआई तकनीक से लैस कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से कांवड़ियों की संख्या, वाहनों की आवाजाही और भीड़ की स्थिति का रियल टाइम आकलन किया जाएगा। श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था के लिए 13 स्थानों पर जीविका दीदियों की रसोई संचालित की जाएगी, जहां गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए 22 अस्थायी थाना बनाए गए हैं, जहां पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। एसपी ने कहा कि भारी भीड़ को देखते हुए रजौन-हंसडीहा मार्ग पर मालवाहक वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पार्किंग की व्यवस्था के लिए झामा मैदान, कांवड़िया धर्मशाला, प्राथमिक विद्यालय भैरोपुर, पांडेयडीह मोड़ और कोढ़ाबांध मरचुन जंगल को चिन्हित किया गया है। डीएम ने कहा कि सभी विभागों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं यादगार यात्रा का अनुभव कराना है।









