Kavad Yatra in Shamli: कांवड़ यात्रा में पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू

शामली में कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच, स्कूलों में पढ़ाई को बाधित न करने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। 30 अप्रैल से कांवड़ मेले की शुरुआत हो
शामली में कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच, स्कूलों में पढ़ाई को बाधित न करने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। 30 अप्रैल से कांवड़ मेले की शुरुआत हो रही है, जबकि शिवभक्त पहले से ही गोमुख और हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। 28 जुलाई से बड़े वाहनों के बंद होने के कारण, स्कूलों में 30 अगस्त तक अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित न करने के लिए स्कूल प्रशासन ने ऑनलाइन कक्षाओं का निर्णय लिया है। स्कूलों के प्रधानाचार्यों का मानना है कि शिवभक्तों की आस्था का सम्मान होना चाहिए, लेकिन बच्चों की पढ़ाई भी जारी रहनी चाहिए। कुछ स्कूलों ने अपने स्तर पर ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने का निर्णय लिया है, जिससे कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी शिवभक्त को परेशानी न हो और छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो। शामली में सीबीएसई के 44, माध्यमिक विद्यालय 109 और परिषदीय विद्यालय 596 हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवभक्त शामली से होते हुए अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ती संख्या को देखते हुए एमएसके रोड और कैराना रोड पर कांवड़ मार्ग बना दिया गया है। जिले में भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन की तैयारी चल रही है। स्कूल प्रशासन और अभिभावकों का कहना है कि कांवड़ यात्रा शहर से गुजर रही है, यह हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। कांवड़ चलनी चाहिए और शिवभक्तों की आस्था का सम्मान होना चाहिए। लेकिन ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि कांवड़ चलती रहे और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित न हो। कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए, कुछ प्रमुख सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाओं का फैसला लिया है, जबकि परिषदीय विद्यालयों के लिए अभी कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। माध्यमिक स्कूलों में छात्र-छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं के संचालन पर चर्चा चल रही है। पहले गर्मी में अवकाश घोषित किया गया था और एक जुलाई को स्कूल खुले थे। अब कांवड़ यात्रा के चलते स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। स्कूल बंद रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। शिक्षकों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं और ऑनलाइन क्लास के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। डॉ. एके गोयल, प्रधानाचार्य सिल्वर बेल्स पब्लिक स्कूल ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्कूल करीब आठ दिन बंद रहेंगे, लेकिन सभी बच्चों की पढ़ाई लगातार जारी रहेगी। बच्चे ऑनलाइन क्लास के माध्यम से घर रहकर पढ़ाई करेंगे। शिवभक्तों की आस्था का पूरा सम्मान किया जाएगा और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित नहीं होने दी जाएगी। अंजलि दुबे, प्रधानाचार्या स्काटिश इंटरनेशनल स्कूल ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान स्कूलों में अवकाश रहेगा, लेकिन बच्चों की पढ़ाई लगातार चलती रहेगी। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन जारी रखें, ताकि पढ़ाई बाधित न हो।









