Kavad Yatra: कांवड़ यात्रा के दौरान मांस और शराब बिक्री पर प्रतिबंध की मांग

देहरादून में कांवड़ यात्रा के दौरान मांस और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हिंदू रक्षा दल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में या
देहरादून में कांवड़ यात्रा के दौरान मांस और शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर हिंदू रक्षा दल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में यात्रा मार्गों पर संचालित होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं। हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट राकेश चंद्र तिवारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ असामाजिक तत्व श्रद्धालुओं को परेशान कर सकते हैं, इसलिए प्रशासन को चाहिए कि वह पर्याप्त पुलिस बल तैनात करे ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, ज्ञापन में यह भी कहा गया कि श्रद्धालुओं को परेशान करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यात्रा मार्गों पर संचालित सभी होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट में प्रतिष्ठान का नाम और लाइसेंस स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, खाद्य सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि शाकाहारी और मांसाहारी भोजन की स्पष्ट जानकारी ग्राहकों को दी जाए, ताकि श्रद्धालुओं को सही विकल्प मिल सके। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता, यातायात और सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस ज्ञापन के दौरान हिंदू रक्षा दल की महिला प्रदेश अध्यक्ष श्रद्धा राजपूत, सागर बजरंगी, जितेंद्र, राजकुमार, आशीष और भंवर सिंह पुंडीर जैसे कई प्रमुख सदस्य उपस्थित थे। उन्होंने जिला प्रशासन से अपील की है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता दी जाए। कांवड़ यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं, इसलिए प्रशासन को चाहिए कि वह इस दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करे। इस प्रकार की मांगों से यह स्पष्ट होता है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के प्रति हिंदू रक्षा दल की गंभीरता कितनी है।









