Kavad Yatra Preparations: कांवड़ यात्रा के लिए शामली में तीन अस्थायी थाने बनाए गए

शामली में आगामी कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। इस बार पहली बार जिले में तीन अस्थायी थाने स
शामली में आगामी कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। इस बार पहली बार जिले में तीन अस्थायी थाने स्थापित किए जा रहे हैं, जो बनत, शिव चौक और मन्ना माजरा में बनाए गए हैं। इन थानों में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, कांवड़ मार्ग पर श्रद्धालुओं की सहायता के लिए 20 अस्थायी पुलिस चौकियां भी स्थापित की गई हैं। प्रशासन ने इस बार अतिरिक्त पुलिस बल भी जिले में भेजा है, जिसमें एक एएसपी, तीन सीओ, पांच निरीक्षक और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान लगभग 1500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
कांवड़ यात्रा के मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए पूरे जिले को सात सुपर जोन, 18 जोन और 51 सेक्टरों में बांटा गया है। इस बार की यात्रा में विशेष ध्यान दिया गया है, जिसके तहत बनत थाना प्रभारी सचिन शर्मा, शिव चौक थानाध्यक्ष राहुल कादयान और मन्ना माजरा थाना प्रभारी अखिलेश कुमार को नियुक्त किया गया है। कांवड़ मार्ग के विभिन्न क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए, बनत थाने का क्षेत्र लालूखेड़ी से एसटी तिराहे तक, शिव चौक थाने का क्षेत्र एसटी तिराहे से पूर्वी यमुना नहर तक और मन्ना माजरा थाने का क्षेत्र पूर्वी यमुना नहर से यमुना ब्रिज हरियाणा सीमा तक निर्धारित किया गया है।
जिले के 79 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर 180 स्थानों पर नाकाबंदी और पिकेट बैरियर लगाए गए हैं, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके साथ ही, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 23 वाच टावर भी बनाए गए हैं, जहां 24 घंटे पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पूरे कांवड़ मार्ग पर 151 संवेदनशील स्थानों पर 617 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 69 स्थानों पर साइन बोर्ड भी लगाए गए हैं। इसके अलावा, इंटरनेट मीडिया पर अफवाहों को रोकने के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है। हरियाणा सीमा से सटे कैराना और बिडौली क्षेत्र में यमुना पार करने वाले शिवभक्तों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु एनडीआरएफ की टीम और गोताखोरों की देखरेख में सुरक्षित स्नान कर सकें।









