Trial Monitoring App by Kolkata Police: अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, सजा दिलाने पर भी जोर

कोलकाता पुलिस अब केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पुराने मामलों की सुनवाई की प्रगति पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। पुलिस मुख्यालय लालबाजार ने
कोलकाता पुलिस अब केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पुराने मामलों की सुनवाई की प्रगति पर भी ध्यान केंद्रित करेगी। पुलिस मुख्यालय लालबाजार ने करीब 360 पुराने विचाराधीन मामलों को चिह्नित किया है, जिनकी सुनवाई की निगरानी के लिए एक ट्रायल मॉनिटरिंग एप तैयार करने की योजना बनाई गई है। हाल ही में आयोजित एक बैठक में पुलिस अधिकारियों ने इस एप के कार्यान्वयन पर चर्चा की। यह एप न केवल मामलों की प्रगति को ट्रैक करेगा, बल्कि यह सुनिश्चित करेगा कि दोषी पाए जाने पर आरोपितों को सजा मिले। लालबाजार के खुफिया विभाग में ट्रायल मानिटरिंग सेल का गठन किया गया है, जो इन मामलों की निगरानी करेगा। इनमें कुछ ऐसे मामले भी शामिल हैं, जो पहले राज्य पुलिस के अधीन थे, लेकिन अब अदालत के निर्देश पर कोलकाता पुलिस की जिम्मेदारी में हैं। इन मामलों में पार्क स्ट्रीट अग्निकांड और ढाकुरिया के निजी अस्पताल में आग लगने से संबंधित मामले शामिल हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। इसके अलावा, कई अन्य महत्वपूर्ण मामले भी हैं, जिनका अब तक निपटारा नहीं हो पाया है।
पुलिस के अनुसार, कई मामलों में जांच अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं या उनका तबादला हो चुका है, जिससे सुनवाई में देरी हो रही है। इसके अलावा, गवाहों की अनुपस्थिति और उनकी गवाही न देने के कारण भी कई मामलों की सुनवाई प्रभावित हो रही है। कुछ मामलों में सभी आरोपितों के एक साथ अदालत में पेश न होने के कारण आरोप तय करने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पा रही है। इन सभी कारणों से मामलों की सुनवाई धीमी गति से चल रही है। ट्रायल मानिटरिंग सेल के अधिकारी अब जांच अधिकारियों और सरकारी वकीलों के साथ मिलकर देरी के कारणों की समीक्षा कर रहे हैं। लालबाजार अब इन मामलों की नियमित निगरानी के लिए ट्रायल मॉनिटरिंग ऐप विकसित करने पर जोर दे रहा है।









