Kolkata Ward Reorganization: 31 जुलाई को जारी होगा नया वार्ड परिसीमन ड्राफ्ट

कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो 31 जुलाई को कोलकाता नगर निगम के वार्
कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के प्रशासनिक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता है, तो 31 जुलाई को कोलकाता नगर निगम के वार्डों के पुनर्गठन का बहुप्रतीक्षित मसौदा आधिकारिक तौर पर जारी किया जाएगा। यह बदलाव राज्य में हाल ही में हुए राजनीतिक परिवर्तन के बाद हो रहा है, जिसमें ममता बनर्जी की सरकार के हटने के बाद भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की कमान संभाली है। इस बदलाव का सीधा असर कोलकाता नगर निगम पर पड़ा है, जिसके चलते मेयर फिरहाद हकीम ने इस्तीफा दिया और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने के लिए स्मिता पांडे को निगम के विशेष प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शहरवासियों को वार्ड परिसीमन के संबंध में एक महत्वपूर्ण घोषणा की थी, जिसमें कहा गया था कि आगामी 7 दिसंबर से पहले एक निर्वाचित बोर्ड को निगम की बागडोर सौंप दी जाएगी। इस चुनावी प्रक्रिया के आरंभ होने से पहले वार्डों के परिसीमन का कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद निगम के सर्वे विभाग ने बोरों-वार कमेटियों का गठन किया है, जिससे वार्ड पुनर्विभाजन का कार्य तेजी से किया जा सके। सोमवार को वार्ड पुनर्विभाजन की विस्तृत रिपोर्ट प्रशासक सह कमिश्नर स्मिता पांडे को सौंप दी जाएगी। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, शहर के मौजूदा 144 वार्डों के विन्यास में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव है। वर्तमान व्यवस्था में 1 से 100 तक के पुराने वार्डों को पुनर्गठित कर कुल 130 नए वार्ड बनाने की योजना है। इन नए वार्डों में मुख्य रूप से 'संयोजित क्षेत्रों' के स्वरूप को सुव्यवस्थित किया जाएगा। वर्तमान में निगम क्षेत्र के 101 से 144 तक के वार्डों को 'संयोजित क्षेत्र' माना जाता है, क्योंकि इन्हें बाद में मूल कोलकाता के साथ जोड़ा गया था।









