Land Acquisition for Greenfield Expressway: फरीदाबाद में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण लगभग पूरा

फरीदाबाद के बल्लभगढ़ क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बनाए जा रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए प्रशासन ने सोतई गांव म
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ क्षेत्र में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बनाए जा रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए प्रशासन ने सोतई गांव में भूमि अधिग्रहण का मामला लगभग सुलझा लिया है। वर्तमान में केवल 200 मीटर का एक छोटा सा टुकड़ा शेष है, जिस पर कब्जा लेना बाकी है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस मामले का समाधान जल्द ही हो जाएगा, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी। सोतई गांव अब नगर निगम के अंतर्गत आ चुका है, जहां कुछ जमीन पट्टीशामलात के अंतर्गत आती है। इस भूमि पर कई किसान अपना कब्जा होने का दावा कर रहे हैं, जबकि नगर निगम ने इसे अपनी संपत्ति मान लिया है। नगर निगम अब इन किसानों से भूमि का मुआवजा लेना चाहता है। हालांकि, किसानों ने मुआवजे को लेकर कोर्ट में मामला दायर कर दिया है। जिला भूमि अर्जन अधिकारी ने भी मुआवजा कोर्ट में जमा कर दिया है। एनएचएआइ ने कई बार पुलिस और प्रशासन की मदद से इस भूमि पर कब्जा लेने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी जमीन नहीं छोड़ रहे हैं। जब तक यह विवाद सुलझ नहीं जाता, तब तक परियोजना का पूरा होना संभव नहीं है। एयरपोर्ट का उद्घाटन हो चुका है और यहां से हवाई जहाजों ने उड़ानें भी शुरू कर दी हैं। लेकिन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होने तक फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम और नूंह के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पाएगा।
प्रशासन ने इस विवाद को सुलझाने के लिए कई किसानों से पट्टीशामलात भूमि पर कब्जा लेने के लिए लिखित सहमति प्राप्त कर ली है। एनएचएआइ को इस भूमि पर कब्जा भी दिया जा चुका है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 32 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सेक्टर-65 साहूपुरा से बनाया जा रहा है, जिसमें 9 किलोमीटर यूपी की सीमा में और 23 किलोमीटर हरियाणा की सीमा में शामिल है। इस परियोजना का निर्माण इंफ्राटेक कंपनी द्वारा किया जा रहा है और यह 20 गांवों की भूमि पर आधारित है। केंद्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी और केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर भी इस निर्माण कार्य का दौरा कर चुके हैं। इस एक्सप्रेसवे को अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।











