Landslide on Jammu-Srinagar Highway: देवल में भूस्खलन से 1700 ट्रक फंसे, आगे 4 दिन और भारी खतरा

डिजिटल डेस्क, ऊधमपुर। जम्मू से श्रीनगर, डोडा, रामबन या पत्तनीटॉप जाने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक बार फिर पहाड़ों में दरकन
डिजिटल डेस्क, ऊधमपुर। जम्मू से श्रीनगर, डोडा, रामबन या पत्तनीटॉप जाने की योजना बना रहे यात्रियों के लिए यह खबर अत्यंत महत्वपूर्ण है। एक बार फिर पहाड़ों में दरकन आई है, जिससे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे की लाइफलाइन थम गई है। हजारों लोग इस मार्ग पर फंसे हुए हैं और ट्रकों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए खतरे की चेतावनी जारी की है, जिससे यात्रा करना और भी मुश्किल हो सकता है। सोमवार को उधमपुर जिले के देवल क्षेत्र में हुए भूस्खलन ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मलबा गिरने से हाईवे का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। इस भूस्खलन के कारण लगभग 1,700 ट्रक और सैकड़ों यात्री वाहन रास्ते में फंस गए हैं। ऊधमपुर से बनिहाल तक गाड़ियों की कई किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिसमें रोजमर्रा के यात्री, पर्यटक और आवश्यक सामान लेकर जा रहे ट्रक ड्राइवर शामिल हैं। एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल ऊधमपुर और बनिहाल के बीच फंसे ट्रैफिक को सिंगल कैरिजवे के माध्यम से धीरे-धीरे निकाला जा रहा है, जबकि क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्री वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि फंसे हुए यात्रियों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके। मौके पर JCB और अन्य बड़ी मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन लगातार गिर रहे पत्थरों के कारण काम में बाधा आ रही है। अधिकारी ने कहा, "जब तक बहाली का कार्य पूरा नहीं हो जाता और हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए सुरक्षित घोषित नहीं किया जाता, तब तक जम्मू से श्रीनगर, डोडा, रामबन और पत्तनीटॉप की ओर या विपरीत दिशा से कोई नया ट्रैफिक नहीं छोड़ा जाएगा।" इस स्थिति में यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अगले आदेश तक जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर यात्रा करने से बचें।









