Legal Aid Camp in Jamtara: बेटियों की सुरक्षा पर जोर, अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह

जामताड़ा जिले के कुंडहित प्रखंड में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (dlsa) द्वारा एक विधिक सेवा एवं सशक्तीकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता
जामताड़ा जिले के कुंडहित प्रखंड में रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) द्वारा एक विधिक सेवा एवं सशक्तीकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता बीडीओ जमाले राजा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ पैनल अधिवक्ताओं, न्यायाधीशों और अन्य स्थानीय नेताओं ने किया। बीडीओ ने बताया कि इस शिविर का उद्देश्य स्थानीय लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी समस्याओं का समाधान कर सकें। अधिवक्ता दिलीप कुमार सिन्हा ने सभी से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अधिक से अधिक संख्या में शिविर में शामिल हों। विधिक सेवा प्राधिकार विभिन्न प्रकार की कानूनी सहायता प्रदान करता है, जिसमें निश्शुल्क परामर्श और न्यायालयों में मामलों का संचालन शामिल है।
न्यायाधीश अमित आलदा ने इस अवसर पर कहा कि लोक अदालतें न्याय की प्रक्रिया को तेज करती हैं और शुल्क को सीमित करती हैं। उन्होंने माता-पिता से अपील की कि वे अपनी बेटियों की गतिविधियों पर ध्यान दें, ताकि उन्हें सुरक्षित रखा जा सके। आलदा ने कहा कि नाबालिग लड़कियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मामलों में परिवार की सतर्कता और जागरूकता महत्वपूर्ण है। उन्होंने नशामुक्ति पर भी जोर दिया और कहा कि नशा परिवारों को बर्बाद कर रहा है। इस समस्या से बचने के लिए सभी को एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग के डा. बिनय कुमार ने विभाग की योजनाओं की जानकारी दी। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने सड़क सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया और नाबालिग लड़कियों से संबंधित मामलों के बारे में विस्तार से बताया। इस शिविर में दिव्यांग व्यक्तियों को व्हीलचेयर प्रदान की गई, महिलाओं की गोद भराई की गई, और कृषि विभाग द्वारा मक्का बीज का वितरण किया गया। मनरेगा के तहत 100 दिनों का कार्य पूरा करने वाले लाभुकों को उपकरण भी वितरित किए गए। इस कार्यक्रम में कई स्थानीय लोग उपस्थित थे, जिन्होंने इस पहल की सराहना की और अपने अनुभव साझा किए।









