Leopard Trapping in Hapur: हापुड़ में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए दो पिंजरे

हापुड़ में आगामी कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए वन विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। गढ़ क्षेत्र में तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए
हापुड़ में आगामी कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए वन विभाग ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। गढ़ क्षेत्र में तेंदुए की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने उन दो स्थानों की पहचान की है, जहां तेंदुए का आवागमन अधिक है। अधिकारियों का कहना है कि इन स्थानों पर सुरक्षा के लिए दो पिंजरे लगाए गए हैं और गूलर के पेड़ों पर लाल कपड़े बांधे गए हैं, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान कोई बाधा उत्पन्न न हो। यह कदम कांवड़ियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
श्रावण मास का महीना नजदीक है, और इस दौरान ब्रजघाट से लाखों कांवड़िए जल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए आते हैं। इस समय सिंभावली क्षेत्र में तेंदुए की आहट ने स्थानीय ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी है। कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, हर चार किलोमीटर की दूरी पर जागरूकता और चेतावनी संबंधी बैनर लगाए गए हैं। इसके साथ ही, अस्थायी वन चौकियों की भी स्थापना की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
प्रभागीय वनाधिकारी गौतम सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान तेंदुए या अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष पांच सदस्यीय प्रशिक्षित टीम का गठन किया गया है। यदि किसी भी स्थान पर तेंदुए या अन्य वन्यजीवों के दिखने की सूचना मिलती है, तो टीम के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। कांवड़ मार्ग और अन्य रास्तों पर तेंदुए या किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर इसकी सूचना तुरंत वन विभाग या पुलिस को देने की अपील की गई है। इस प्रकार की तैयारियों से कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है।









