Loan Fraud in Baghpat: फर्जी कागजों पर लिया 9.95 लाख रुपये लोन, प्राथमिकी दर्ज

बड़ौत में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में एक गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें 9.95 लाख रुपये का ऋण फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिया गया था। यह ऋण
बड़ौत में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में एक गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें 9.95 लाख रुपये का ऋण फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लिया गया था। यह ऋण किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत वर्ष 2018 में स्वीकृत किया गया था। बैंक की शिकायत के बाद, क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश कुमार खरे ने बड़ौत कोतवाली में महक सिंह और महीपाल समेत अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। जांच के दौरान यह पता चला कि ऋण के लिए प्रस्तुत किए गए दस्तावेज और मालिकाना रिकॉर्ड में गड़बड़ी थी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ऋण लेने के लिए जाली कागजात का उपयोग किया गया था। बैंक ने ऋण वसूली की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसके तहत गिरवी रखी गई कृषि भूमि के दस्तावेजों की गहन जांच की गई। इस जांच में बैंक के पैनल अधिवक्ता की रिपोर्ट और राजस्व अभिलेखों के मिलान से फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।
जांच अधिकारी दीक्षित कुमार त्यागी ने बताया कि सोमवार देर शाम को प्राथमिकी दर्ज की गई है और महक सिंह तथा महीपाल सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। यह मामला तब सामने आया जब बैंक ने ऋण वसूली के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान पाया गया कि ऋण के लिए प्रस्तुत किए गए कागजात में कई अनियमितताएँ थीं। बैंक ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अब मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि सभी आरोपियों को न्याय के दायरे में लाया जा सके।
इस प्रकार के वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में वृद्धि ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए एक नई चुनौती पेश की है। बैंकों को अब अधिक सतर्क रहना होगा और ऋण आवेदनों की जांच में और अधिक सावधानी बरतनी होगी। इस मामले में पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होगा कि क्या अन्य लोग भी इस धोखाधड़ी में शामिल थे या नहीं। बैंक और पुलिस दोनों ही इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसे मामलों को रोका जा सके और दोषियों को सजा दिलाई जा सके।









