Loan Scam in Nainital Bank: गोमतीनगर थाने में 34 लोगों पर FIR

नैनीताल बैंक की पत्रकारपुरम शाखा से 1.56 करोड़ रुपये के आवास ऋण और कैश क्रेडिट घोटाले का मामला सामने आया है। इस मामले में फर्जी बैनामा, कूटरचित दस्तावेज और प्रत
नैनीताल बैंक की पत्रकारपुरम शाखा से 1.56 करोड़ रुपये के आवास ऋण और कैश क्रेडिट घोटाले का मामला सामने आया है। इस मामले में फर्जी बैनामा, कूटरचित दस्तावेज और प्रतिरूपण के जरिए धोखाधड़ी की गई। बैंक की आंतरिक जांच में यह खुलासा हुआ कि संगठित तरीके से वित्तीय धोखाधड़ी की गई थी, जिसके चलते बैंक प्रबंधन ने 34 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। बैंक के डीआरएम जोहेब अहमद के अनुसार, 20 जनवरी से तीन मई 2025 के बीच पत्रकारपुरम शाखा से आठ हाउसिंग लोन और एक कैश क्रेडिट सुविधा स्वीकृत की गई थी। इन ऋणों की राशि 10 लाख से 30 लाख रुपये के बीच थी। जांच में पाया गया कि जिन संपत्तियों के आधार पर ऋण स्वीकृत किए गए, उनके विक्रय विलेख वास्तविक स्वामियों के बजाय अन्य व्यक्तियों ने खुद को मालिक बताकर निष्पादित किए थे। इस मामले में कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं और बैंक के पक्ष में बनाई गई मार्गेज कानूनी रूप से प्रभावी नहीं मानी गई। यह मामला तब उजागर हुआ जब 5 जुलाई 2025 को एक शिकायत मिली, जिसमें आरोप लगाया गया कि बैंक से वित्तपोषित संपत्ति का विक्रय वास्तविक मालिक के बजाय किसी अन्य व्यक्ति ने किया है। इसके बाद बैंक के निरीक्षण विभाग ने सभी नौ ऋण खातों की विस्तृत जांच कराई, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान बैंक के पैनल अधिवक्ताओं की लीगल रिपोर्ट और पैनल वैल्यूअर की मूल्यांकन रिपोर्ट भी संदेह के घेरे में आ गई। कई उधारकर्ताओं के पते और मोबाइल नंबर सत्यापित नहीं हो सके, जबकि संबंधित संपत्तियों पर उनका कब्जा भी नहीं मिला। कुछ मामलों में एक ऋण का उधारकर्ता दूसरे ऋण की रजिस्ट्री में गवाह मिला, जिससे पूरे नेटवर्क के संगठित तरीके से काम करने की आशंका जताई गई है। बैंक ने सभी नौ ऋण खातों को एनपीए घोषित करते हुए फ्रॉड अकाउंट की श्रेणी में डाल दिया है। इन खातों में बैंक का कुल बकाया 1.56 करोड़ रुपये है। जांच के बाद ऋण लेने वालों, विक्रेताओं, गारंटरों, दो पैनल अधिवक्ताओं और एक पैनल वैल्यूअर समेत कुल 34 लोगों को नामजद किया गया है। इंस्पेक्टर गोमतीनगर बृजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि बैंक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में दस्तावेजों की जांच के साथ सभी आरोपितों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।









