Loan waiver for small farmers: छोटे किसानों की एकमुश्त कर्ज माफी का कोई प्रस्ताव नहीं, पॉलीमर नोटों को मंजूरी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए एकमुश्त कर्ज माफी का कोई प्रस्ताव वर
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में स्पष्ट किया कि छोटे और सीमांत किसानों के लिए एकमुश्त कर्ज माफी का कोई प्रस्ताव वर्तमान में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में कोई योजना नहीं बना रही है, जिससे किसानों में निराशा का माहौल बन सकता है। चौधरी ने यह जानकारी लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी, जिसमें उन्होंने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने संकट में फंसे कर्जदारों को राहत देने के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश 28 नवंबर, 2025 को जारी किए गए थे और 1 जुलाई, 2026 को अपडेट किए गए। इन दिशा-निर्देशों के तहत ऋणदाताओं को अपने बोर्ड से मंजूर नीतियों के आधार पर तनावग्रस्त कर्जदारों के ऋण का वित्तीय पुनर्गठन करने की छूट दी गई है। इससे कर्जदारों को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह छोटे किसानों के लिए पर्याप्त होगा।
पंकज चौधरी ने आगे बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में 10 रुपये और 20 रुपये के एक-एक अरब पालीमर बैंक नोटों के फील्ड ट्रायल की बात कही गई थी। यदि यह फील्ड ट्रायल सफल होता है, तो इन दो मूल्य वर्गों में पालीमर बैंक नोटों को नियमित रूप से जारी करने की योजना है। सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिससे पालीमर नोटों के उपयोग की दिशा में एक कदम और बढ़ाया गया है।
आरबीआई के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि पालीमर बैंक नोटों की उम्र कागज के नोटों की तुलना में अधिक होती है। हालांकि, पालीमर बैंक नोटों के लाने का काम अभी प्रारंभिक चरण में है और यह देखना होगा कि डिजिटल भुगतान पर इनका क्या प्रभाव पड़ेगा। जब तक ये नोट नियमित रूप से जारी नहीं होते, तब तक उनके प्रभाव का सही आकलन नहीं किया जा सकता। इस बीच, छोटे किसानों के लिए कर्ज माफी की अनुपस्थिति ने उनकी आर्थिक स्थिति को और भी चुनौतीपूर्ण बना दिया है, जिससे उनकी समस्याएं बढ़ सकती हैं।









