Local Employment and Self-Employment: पलायन रोकने के लिए स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार जरूरी: डॉ. नेगी

पौड़ी में विकास भवन सभागार में मंगलवार को आयोजित प्रवासी पंचायत-2026 में ग्राम्य विकास एवं राज्य पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. शरद सिंह नेगी ने प्रवासियों,
पौड़ी में विकास भवन सभागार में मंगलवार को आयोजित प्रवासी पंचायत-2026 में ग्राम्य विकास एवं राज्य पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. शरद सिंह नेगी ने प्रवासियों, काश्तकारों, उद्यमियों और युवाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय रोजगार सृजन, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उपायों पर जोर दिया। डॉ. नेगी ने कहा कि पलायन की समस्या का स्थायी समाधान स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और कृषि, उद्यानिकी, पर्यटन तथा ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने से ही संभव है। उन्होंने प्रवासी पंचायत-2026 के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए बताया कि आयोग प्रदेशभर में लोगों के सुझाव एकत्र कर पलायन रोकने के लिए प्रभावी नीति तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाकर ही युवाओं को अपने क्षेत्र में रोका जा सकता है।
आयोग के सदस्य सचिव एके राजपूत ने बताया कि राज्य के सभी जनपदों में प्रवासी पंचायतों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टिहरी, चंपावत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में इन पंचायतों का सफल आयोजन हो चुका है और अन्य जिलों में भी यह प्रक्रिया जारी है। आयोग की सदस्य रंजना रावत नेगी और दिनेश रावत ने एकीकृत कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों के विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि कृषि आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी जा सकती है।
सीडीओ अशोक जोशी ने कहा कि स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन योजनाओं से जुड़कर कई काश्तकार गांवों में बेहतर रोजगार के अवसर तैयार कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और प्रभावी विपणन पर जोर देते हुए कहा कि इससे उत्पादों को बेहतर बाजार मिलेगा और काश्तकारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इस अवसर पर सदस्य सचिव राम प्रकाश पैन्यूली, पीडी विवेक कुमार उपाध्याय, सीवीओ डॉ. विशाल शर्मा, सीएओ ऋतु कुकरेती जुयाल आदि भी उपस्थित रहे।









