Love Blossoms at Lotus Temple: गाजियाबाद में सुमित और तरन्नुम की शादी हुई

संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। गांव कमालपुर के निवासी सुमित कुमार और उत्तर पश्चिम दिल्ली के शाहबाद डेरी प्रहलादपुर बांगर की तरन्नुम की प्रेम कहानी ने मंगलवार को एक
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। गांव कमालपुर के निवासी सुमित कुमार और उत्तर पश्चिम दिल्ली के शाहबाद डेरी प्रहलादपुर बांगर की तरन्नुम की प्रेम कहानी ने मंगलवार को एक नई दिशा ली, जब दोनों ने गाजियाबाद के आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। इस अवसर पर दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवनभर रहने की कसम खाई। विवाह से पहले तरन्नुम ने विधिवत प्रक्रिया के तहत हिंदू धर्म अपनाया और अपना नाम तनु रखा। सुमित पिछले दो वर्षों से दिल्ली की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पहली मुलाकात तरन्नुम से एक वर्ष पहले दिल्ली के लोटस टेंपल में हुई थी। वहां उनकी दोस्ती ने धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। दोनों ने महसूस किया कि वे एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहते हैं और इसीलिए विवाह का निर्णय लिया। मंगलवार 28 जुलाई को, दोनों गाजियाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने पहले आर्य समाज मंदिर में वैदिक रीति से धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद तरन्नुम, जो अब तनु के नाम से जानी जाएंगी, ने सुमित के साथ अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। सुमित कुमार ने कहा कि उनका विवाह एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि हिंदू रीति-रिवाज से विवाह करने की इच्छा के चलते पहले धर्म परिवर्तन की पूरी वैधानिक प्रक्रिया अपनाई गई। नवदंपति ने विवाह और धर्म परिवर्तन को विधिक मान्यता दिलाने के लिए डीएम संभल के समक्ष भी आवेदन प्रस्तुत किया है। अब वे अपने नए जीवन की शुरुआत प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान के साथ करना चाहते हैं। यह विवाह न केवल उनके लिए बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक नई शुरुआत है। सुमित और तनु दोनों ने इस नए अध्याय को लेकर उत्साह और खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि वे एक-दूसरे के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहेंगे और अपने जीवन को एक नई दिशा देंगे।









