Expressway Issues: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर जलभराव की गंभीर समस्या

उन्नाव से मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आई है। यह समस्या निर्माण एजेंसी की लापरवाही को उजागर करती है।
उन्नाव से मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर जलभराव की समस्या सामने आई है। यह समस्या निर्माण एजेंसी की लापरवाही को उजागर करती है। आजाद मार्ग से लेकर बनी तक के क्षेत्र में बारिश के पानी का जमाव देखा जा रहा है, जो डिवाइडर के किनारे अधिकतर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह जलभराव निर्माण में खामियों का संकेत है। एक्सप्रेसवे पर जलभराव को रोकने के लिए कई स्थानों पर गड्ढे बनाकर पाइपलाइन भी लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद बारिश का पानी रुक रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो सड़क का डामर और गिट्टी कमजोर होकर गड्ढों में तब्दील हो सकती है। एक्सप्रेसवे पर जलभराव के कारण सड़क का डामर दबने के बाद ही पानी जमा हो रहा है। यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब जल जमाव वाले स्थानों पर वाहनों के पहिए कम पड़ते हैं, क्योंकि ये स्थान डिवाइडर के करीब हैं।
कोरारी टोल से लखनऊ की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क धंसने की समस्या को लेकर रविवार को मरम्मतीकरण कार्य शुरू किया गया। कार्यदायी एजेंसी पीएनसी ने 64.4 किमी पर सड़क के डामर में आई खामी को ठीक किया। हालांकि, काम के बाद बिछाई गई डामर की परत समतल नहीं हो पाई, जिससे वाहनों में उछाल की समस्या उत्पन्न हो गई। इस खामी को दूर करने के लिए नए डामर को हटाकर फिर से डामरीकरण किया गया। इस प्रक्रिया के बाद सोमवार देर शाम फिनिशिंग का कार्य भी पूरा किया गया। इसके बावजूद, जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हुआ है, जिसमें पूर्व एमएलसी दीपक सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर एक्सप्रेसवे निर्माण की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। पत्र में पीएनसी एजेंसी के प्रमोटर पर राजनीतिक प्रभाव का आरोप लगाया गया है। जल जमाव की स्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जलभराव को रोकने के लिए पाइप और नालियों का निर्माण किया गया है, लेकिन इनकी सफाई की आवश्यकता है। कोरारी टोल के पास सड़क धंसने की समस्या का समाधान कर दिया गया है, और अब वहां कोई समस्या नहीं आएगी। यह स्थिति यात्रियों के लिए राहत की बात है, लेकिन जलभराव की समस्या का समाधान जल्द से जल्द होना आवश्यक है।









