Maharashtra: बीड में वज्रपात से महिला किसान की मौत; पुणे में 2016 के दुष्कर्म मामले में दो दोषियों को उम्रकैद

महाराष्ट्र के बीड जिले की अंबाजोगाई तहसील में एक दुखद घटना में 52 वर्षीय किसान महिला अनीता गावहाणे की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब वह अपने खेत से घर लौट रही
महाराष्ट्र के बीड जिले की अंबाजोगाई तहसील में एक दुखद घटना में 52 वर्षीय किसान महिला अनीता गावहाणे की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब वह अपने खेत से घर लौट रही थीं और अचानक बिजली गिरने से उनकी जान चली गई। स्थानीय पुलिस ने इस घटना की पुष्टि की है और बताया कि अनीता अपने गांव उजानी में अपने खेतों में काम कर रही थीं। इस प्रकार की घटनाएं अक्सर मानसून के दौरान होती हैं, जब तेज बारिश और आंधी के साथ बिजली गिरने की संभावना बढ़ जाती है। इस घटना ने क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है और स्थानीय प्रशासन ने किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके अलावा, मौसम विभाग ने भी चेतावनी जारी की है कि आने वाले दिनों में और बारिश हो सकती है, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की संभावना बढ़ जाती है।
दूसरी ओर, पुणे में 2016 के एक दुष्कर्म मामले में सत्र अदालत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश एस एम तापकिरे ने शरद मुरलीधर साल्वे (35) और अंकितसिंह रतनसिंह बिस्टा उर्फ कांचा (34) को दोषी ठहराया। अदालत ने प्रत्येक पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता उस समय 18 वर्ष की थी और पुणे जिले के बारामती से तालेगांव रेलवे स्टेशन पहुंची थी। वहां, दोनों आरोपियों ने उसे भोजन का लालच देकर रेलवे स्टेशन परिसर में एक टिन शेड में ले जाकर दुष्कर्म किया। इस मामले की जांच पुणे रेलवे पुलिस के उप-निरीक्षक शमशुद्दीन शेख ने की थी, जिन्होंने बाद में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान, सरकारी वकील एस ए क्षीरसागर ने 12 गवाहों की गवाही पेश की, जिन्होंने अदालत में अपने बयान दिए। गवाहों की गवाही और प्रस्तुत सबूतों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी पाया। यह मामला समाज में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक उदाहरण है और न्यायालय के इस निर्णय ने पीड़िता के प्रति न्याय की एक उम्मीद जगाई है। इस मामले ने यह भी दर्शाया है कि कैसे कानून और न्याय प्रणाली ऐसे गंभीर अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।









