Maharashtra TET Paper Leak: एक संदिग्ध ने किया सरेंडर, 15 गिरफ्तार

महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले में एक नया मोड़ आया है। सोमवार को भिवंडी की अदालत में एक संदिग्ध ने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे
महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले में एक नया मोड़ आया है। सोमवार को भिवंडी की अदालत में एक संदिग्ध ने आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में अब तक कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह घटना उस समय हुई जब पुलिस ने पेपर लीक रैकेट का पर्दाफाश किया, जो टीईटी 2026 परीक्षा से एक दिन पहले सामने आया। इस संदिग्ध का नाम सोनू कुमार दीवाकर है, जिसने मुख्य सरगना बिजेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। बचाव पक्ष के वकील शैलेश गायकवाड़ ने इस बात की पुष्टि की है कि दीवाकर ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। 26 जून को भिवंडी पुलिस ने इस मामले में प्रारंभिक प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसके बाद से जांच तेज कर दी गई थी।
इस पेपर लीक मामले ने महाराष्ट्र में शिक्षा प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने बताया कि टीईटी प्रश्न पत्र को दिल्ली के एक गिरोह द्वारा 1.5 करोड़ रुपये में बेचने की योजना बनाई गई थी। भिवंडी पुलिस को इस गिरोह के बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने त्वरित कार्रवाई की। इस मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस रैकेट के अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने यह भी कहा है कि इस मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन हर साल किया जाता है, और यह परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है जो शिक्षक बनना चाहते हैं। पेपर लीक की घटना ने न केवल परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावित किया है, बल्कि इससे छात्रों के भविष्य पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। शिक्षा विभाग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनियमितता को रोका जा सके। इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच जारी है।









