Mahbooba Mufti's Apology: पेलेट गन पर विवादित बयान के लिए मांगी माफी

श्रीनगर से राज्य ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (pdp) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अपने हालिया विवा
श्रीनगर से राज्य ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अपने हालिया विवादित बयान पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनकी जुबान फिसलने और एक अधूरी लाइन के कारण लोगों को ठेस पहुंची है और इससे गलतफहमी पैदा हुई है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें महबूबा मुफ्ती को दिल्ली के जंतर-मंतर में कश्मीरी छात्रों के एक कार्यक्रम में बोलते हुए देखा गया। वायरल वीडियो में महबूबा यह कहते हुए सुनाई दे रही हैं कि 'हमने ये पहली बार दिल्ली में देखा है। हमने कश्मीर में कई सालों तक ये देखा है। मगर वहां आतंकवाद है, उसका एक बनता है।' उनके इस बयान को इस तरह से लिया गया कि वह कश्मीर में पेलेट गन के इस्तेमाल को जायज ठहरा रही हैं। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, राजनीतिक हलचल तेज हो गई। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि इस तरह के बयान देना अनुचित है। पेलेट गन का मुद्दा कश्मीर में बेहद संवेदनशील रहा है, और इस हथियार के इस्तेमाल पर मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोप लगते रहे हैं। ऐसे में महबूबा का यह बयान लोगों को नागवार गुजरा।
महबूबा मुफ्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी सफाई में कहा कि मीडिया को दिए गए बयान में एक महत्वपूर्ण शब्द छूट गया था। उन्होंने कहा, 'मैंने 30 साल का अपना सियासी करियर उन लोगों तक पहुंचने में लगाया है जो इख्वान और दूसरी ताकतों के निशाने पर थे। जब फारूक अब्दुल्ला चले गए थे और लोग AFSPA और दूसरे कानूनों का बचाव कर रहे थे, तब मैं लोगों के साथ खड़ी थी।' जंतर-मंतर की घटना का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा कि कश्मीरी छात्रों के बुलावे पर उन्होंने वहां कुछ कहा था, और वहां जुबान फिसल गई। उन्होंने यह भी कहा कि पेलेट गन के इस्तेमाल पर बात करते हुए उनके मुंह से 'बहाना' शब्द निकलना रह गया।









