Major Project in Kanpur: 400 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट, 25 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

कानपुर में एक महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत होने जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर प्रदान करना है। सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योग
कानपुर में एक महत्वपूर्ण परियोजना की शुरुआत होने जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर प्रदान करना है। सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र (एसपीईआईजेड) परियोजना के तहत शहर के चकेरी, कल्याणपुर और ट्रांसगंगा सिटी में 50 से 100 एकड़ भूमि को चिह्नित किया गया है। इस परियोजना के माध्यम से उद्योग, कौशल विकास और रोजगार को नई दिशा देने की योजना है। उद्योग निदेशक एवं मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने बताया कि इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे प्रतिवर्ष 25 हजार युवाओं को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए देश की दो प्रमुख कंपनियों के साथ अनुबंध भी किया गया है।
सरकार की योजना के अनुसार, यह परियोजना सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर युवाओं को सौगात देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। चकेरी के एरो सिटी, कल्याणपुर में आईआईटी कानपुर के पीछे और ट्रांसगंगा सिटी में भूमि को चिन्हित किया गया है, जहां प्रत्येक केंद्र को 50 से 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस केंद्रों के माध्यम से युवाओं को ईवी इक्यूपमेंट मैन्युफैक्चरिंग, थ्री-डी प्रिंटिंग, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और अन्य उभरती औद्योगिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पाठ्यक्रम उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किए जाएं, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे रोजगार मिल सके।
इस परियोजना के अंतर्गत 25 स्किलिंग सेंटर, 40 औद्योगिक शेड, छात्रावास और अन्य आधारभूत सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग कामर्शियल और औद्योगिक जोन विकसित किए जाएंगे, जहां संबंधित क्षेत्र की इकाइयों को भूमि और प्लग एंड प्ले सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस परियोजना को अक्टूबर 2031 तक विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि कानपुर को कानपुर-प्रयागराज औद्योगिक जोन का प्रमुख केंद्र बनाया जा सके। यहां स्किल डेवलपमेंट सेंटर, रोजगार सहायता केंद्र, उद्यमिता सहायता केंद्र, डिजिटल साक्षरता, विदेशी भाषा प्रशिक्षण और औद्योगिक पार्क जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।









