Mandi News: मलोह पंचायत में बंद स्टोन क्रशर दोबारा शुरू करने का विरोध

मंडी जिले की मलोह पंचायत के ग्रामीणों ने 14-15 वर्षों से बंद पड़े स्टोन क्रशर को पुनः चालू करने के खिलाफ आवाज उठाई है। ग्रामीणों ने मंगलवार को एसडीएम सुंदरनगर क
मंडी जिले की मलोह पंचायत के ग्रामीणों ने 14-15 वर्षों से बंद पड़े स्टोन क्रशर को पुनः चालू करने के खिलाफ आवाज उठाई है। ग्रामीणों ने मंगलवार को एसडीएम सुंदरनगर के माध्यम से उपायुक्त मंडी, वन एवं खनन विभाग और ग्राम पंचायत मलोह को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने क्रशर को एनओसी न देने की मांग की। उनका कहना है कि यदि यह क्रशर फिर से शुरू होता है, तो इससे खनन की गाद, मिट्टी और पत्थर बरसात के दौरान प्राकृतिक जल स्रोतों और बावड़ियों में पहुंच जाएंगे, जिससे पेयजल और कृषि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ग्रामीणों ने यह भी चिंता व्यक्त की कि इससे सुंदरनगर की प्रमुख जल उठाऊ पेयजल परियोजना और संकरी सुंदरनगर-मलोह-नालनी सड़क पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि 19 जुलाई को हुई ग्राम सभा में एनओसी का मुद्दा एजेंडे में स्पष्ट रूप से नहीं था और अधिकांश लोगों की अनुपस्थिति में प्रस्ताव पारित कर दिया गया। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि स्टोन क्रशर को स्थायी रूप से बंद किया जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के निर्णय बिना उचित चर्चा और सभी ग्रामवासियों की सहमति के नहीं लिए जाने चाहिए। उनका मानना है कि इस मुद्दे पर सभी की राय ली जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान किया जा सके।
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने एकजुट होकर यह स्पष्ट किया है कि वे अपने जल स्रोतों और कृषि भूमि की सुरक्षा के लिए किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे। इस मुद्दे पर ग्रामीणों की एकता और संघर्ष ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है, और अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।









