Mata Vaishno Devi Yatra: त्रिकुटा पर्वत पर सुचारू यात्रा, कम भीड़ में हो रहे दर्शन

कटड़ा से संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह समय अनुकूल है। हाल ही में मौसम की म
कटड़ा से संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह समय अनुकूल है। हाल ही में मौसम की मार और लगातार बारिश के बाद त्रिकुटा पर्वत पर स्थिति सामान्य हो गई है। पिछले तीन दिनों से माता वैष्णो देवी की यात्रा बिना किसी रुकावट के जारी है। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच 'जय माता दी' के जयकारे गूंज रहे हैं। हालांकि, इस बार यात्रा का नजारा कुछ अलग है। सामान्य दिनों में जहां श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी होती है कि यात्रा मार्ग पर चलना मुश्किल हो जाता है, वहीं इस समय भवन परिसर और कटड़ा के आधार शिविर में अपेक्षाकृत सन्नाटा है। श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है, जिससे दर्शन करना बहुत आसान हो गया है।
श्रद्धालुओं ने फिलहाल केवल पारंपरिक मार्ग का ही उपयोग किया है, क्योंकि भारी बारिश के कारण नए बैटरी कार मार्ग को नुकसान पहुंचा है। भूस्खलन के चलते कई स्थानों पर मलबा गिरने से स्थायी संरचनाएं भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस स्थिति को देखते हुए श्राइन बोर्ड की टीम ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। मार्ग की सफाई और निर्माण कार्य जारी है, जिसके कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बैटरी कार सेवा को फिलहाल बंद रखा गया है। त्रिकुटा पर्वत पर बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे हेलीकॉप्टर सेवा भी शुरू नहीं हो सकी है।
हालांकि, बुजुर्ग और बच्चों वाले परिवारों के लिए यात्रा में कोई कठिनाई नहीं है। यात्रा मार्ग पर घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध हैं। भवन से बाबा भैरवनाथ के दरबार तक जाने के लिए केबल कार सेवा भी बीच-बीच में चल रही है। कम भीड़ का सबसे बड़ा लाभ श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान मिल रहा है। कटड़ा के यात्रा पंजीकरण काउंटर पर लंबी कतारें नहीं हैं, जिससे श्रद्धालु बिना किसी धक्का-मुक्की के माता रानी के दर्शन कर रहे हैं। यात्रा के बाद कटड़ा लौटते समय श्रद्धालु प्रसाद और सूखे मेवे खरीद रहे हैं, लेकिन कम श्रद्धालुओं के कारण बाजार में रौनक कम है। सोमवार दोपहर 2 बजे तक लगभग 8,000 श्रद्धालुओं ने यात्रा पंजीकरण करवाया था, और शाम तक यह संख्या बढ़ती रही।









