Minister Arrives Late: नारनौल में BJP नेता भड़के, कहा- नियम सिर्फ अफसरों के लिए क्यों?

जागरण संवाददाता, नारनौल। भाजपा नेता और हरियाणा एग्रो के पूर्व चेयरमैन गोबिंद भारद्वाज ने सोमवार को नारनौल में आयोजित राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल क
जागरण संवाददाता, नारनौल। भाजपा नेता और हरियाणा एग्रो के पूर्व चेयरमैन गोबिंद भारद्वाज ने सोमवार को नारनौल में आयोजित राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल की जिला लोक शिकायत एवं कष्ट निवारण (ग्रीवेंस) समिति की बैठक का बहिष्कार कर विरोध जताया। इस बैठक में मंत्री की लेट पहुंचने को लेकर गोबिंद भारद्वाज ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी निर्धारित समय से 10 मिनट की देरी से पहुंचता है, तो उसके खिलाफ निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई की जाती है। लेकिन जब मंत्री स्वयं निर्धारित समय से देर से पहुंचते हैं, तो उनके खिलाफ कोई जवाबदेही नहीं होती। यह नियम और अनुशासन सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए। गोबिंद भारद्वाज ने यह भी कहा कि जनता और अधिकारियों के समय का सम्मान किया जाना चाहिए। समय की पाबंदी केवल अधिकारियों के लिए ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों के लिए भी समान रूप से आवश्यक है। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने ग्रीवेंस समिति की बैठक का बहिष्कार किया।
बैठक स्थल पर गोबिंद भारद्वाज ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाने की आवश्यकता पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री समय का पालन नहीं कर सकते, तो उन्हें जनता के सामने जवाबदेह होना चाहिए। बैठक में उपस्थित अन्य लोगों ने भी इस मुद्दे पर चर्चा की और गोबिंद भारद्वाज के विचारों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह समय की बात नहीं है, बल्कि यह एक संस्कृति का निर्माण करने की आवश्यकता है, जहां सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी समय के प्रति गंभीर रहें।
उन्होंने सरकार से मांग की कि व्यवस्था में समान जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। यह आवश्यक है कि सभी जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यों के प्रति जवाबदेह ठहराया जाए, ताकि जनता का विश्वास बना रहे। गोबिंद भारद्वाज के इस कदम ने नारनौल में राजनीतिक हलचल को जन्म दिया है और यह स्पष्ट है कि समय की पाबंदी का मुद्दा अब केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं रह गया है। यह मुद्दा अब जनप्रतिनिधियों के लिए भी महत्वपूर्ण बन गया है।









