Mirzapur News: अंकपत्रों में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का धरना

मिर्जापुर के केबी पीजी कॉलेज में सोमवार को छात्रों ने अंकपत्रों में हुई गड़बड़ी को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन पर उदासीनता का आरोप ल
मिर्जापुर के केबी पीजी कॉलेज में सोमवार को छात्रों ने अंकपत्रों में हुई गड़बड़ी को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से अंकपत्रों में लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं, जिससे उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति से परेशान होकर छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई। जैसे ही छात्रों ने हंगामा शुरू किया, महाविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर छात्रों ने कुछ समय तक और हंगामा किया, लेकिन बाद में समझाने-बुझाने पर वे शांत हुए, फिर भी धरने पर बैठे रहे। छात्रों का कहना है कि यह समस्या पहली बार नहीं हुई है, बल्कि यह एक पुरानी समस्या बन चुकी है।
छात्रों ने बताया कि इस समय अगली कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है और अंकपत्रों में गड़बड़ी के कारण उन्हें प्रवेश में बाधा आ रही है। छात्रों का आरोप है कि जिन परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है, उन्हें भी अंकपत्र में अनुपस्थित दर्शाया जा रहा है। इस स्थिति के कारण छात्रों को लिपिक और प्राचार्य के पास बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। छात्रों ने सभी विद्यार्थियों के अंकपत्रों में हुई त्रुटियों को तुरंत ठीक करने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान धरने में शुभम, सर्वेश, राजकुमार, शिवेश सहित अन्य छात्र भी शामिल रहे।
छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रशासन से उचित समाधान की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि अगर प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेता है, तो वे आगे भी धरना-प्रदर्शन जारी रखेंगे। छात्रों की यह एकजुटता दर्शाती है कि वे अपनी शिक्षा के प्रति कितने गंभीर हैं और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। महाविद्यालय प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द समाधान निकाले ताकि छात्रों को कोई और परेशानी न उठानी पड़े। छात्रों की मांगों पर ध्यान देना आवश्यक है, ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए और वे अपनी पढ़ाई को सुचारू रूप से जारी रख सकें।









