Weather Update: बारिश की उम्मीद, लेकिन उमस बनी हुई है

मिर्जापुर में मौसम का हाल इस समय कुछ ऐसा है कि आषाढ़ माह के अंत में भी राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। सोमवार को दिनभर बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं ह
मिर्जापुर में मौसम का हाल इस समय कुछ ऐसा है कि आषाढ़ माह के अंत में भी राहत की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। सोमवार को दिनभर बादल तो छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। धूप से थोड़ी राहत मिली, लेकिन उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। जिले में लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को तापमान स्थिर रहा। घरों के भीतर उमस और बाहर चिपचिपी गर्मी से लोग परेशान हैं। बारिश की कमी से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है, खासकर धान की रोपाई के कार्य में। ग्रामीण क्षेत्रों में धान की रोपाई का कार्य अंतिम चरण में है, लेकिन पर्याप्त वर्षा न होने से कई स्थानों पर रोपाई प्रभावित हो रही है। खेतों में काम कर रहे श्रमिक भी उमस और गर्मी के कारण सुबह 10 बजे के बाद काम छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया कि जिले में अब तक लगभग 90 प्रतिशत धान की रोपाई पूरी हो चुकी है। शेष क्षेत्रों में भी बारिश होने पर रोपाई जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला सोमवार को भी जारी रहा। 24 घंटे में जलस्तर 23 सेंटीमीटर बढ़ा है, और सोमवार को सुबह से शाम तक एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ता रहा। गंगा किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, सोमवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 66.470 मीटर दर्ज किया गया, जो शाम छह बजे बढ़कर 66.540 मीटर पहुंच गया। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर निर्धारित है। मौजूदा जलस्तर चेतावनी बिंदु से 10.184 मीटर नीचे है। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटवर्ती गांवों के लोग नदी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग भी जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर समय रहते राहत एवं बचाव के उपाय किए जा सकें।









