Mobile becomes cause of death: यूपी में भाइयों के डांटने पर बहन ने की आत्महत्या

उत्तर प्रदेश के फतेहाबाद में एक युवती ने अपने भाइयों द्वारा मोबाइल फोन चलाने पर डांटने के बाद आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने पर जब उसकी भाभी आरती घर लौट
उत्तर प्रदेश के फतेहाबाद में एक युवती ने अपने भाइयों द्वारा मोबाइल फोन चलाने पर डांटने के बाद आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने पर जब उसकी भाभी आरती घर लौटीं, तो उन्होंने मंसा को फंदे पर लटका हुआ देखा और चीख पड़ीं। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को सूचना मिलने पर थाना फतेहाबाद की टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि पूछताछ में यह बात सामने आई कि युवती को उसके भाइयों ने मोबाइल फोन चलाने पर डांटा था, जिससे नाराज होकर उसने आत्महत्या का कदम उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा। उल्लेखनीय है कि मंसा के माता-पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और वह अपने तीन भाइयों के साथ रह रही थी।
इस घटना ने मोबाइल फोन की लत और उसके दुष्प्रभावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि मस्तिष्क में डोपामाइन हार्मोन खुशी, प्रेरणा, याददाश्त और शारीरिक गतिविधियों को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसे 'हैप्पीनेस हार्मोन' भी कहा जाता है। जब कोई व्यक्ति मोबाइल पर रील देखता है, तो उसे आनंद की अनुभूति होती है, जिससे डोपामाइन सक्रिय हो जाता है। इस प्रक्रिया के चलते रील देखने की लत लग जाती है। जब परिवार के सदस्य इसका विरोध करते हैं, तो युवा आवेग में आकर उग्र हो जाते हैं, जिससे कभी-कभी वे खुद को या दूसरों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यह समस्या किशोरों और युवाओं में तेजी से बढ़ रही है।









