Mobile CDRs to Unravel Mystery: डाक्टर यश के बयान की होगी तकनीकी पड़ताल

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई एक घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शी डॉ. यश का बयान दर्ज किया जा चुका है। चूंकि घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं
पुलिस सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई एक घटना के संबंध में प्रत्यक्षदर्शी डॉ. यश का बयान दर्ज किया जा चुका है। चूंकि घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं था, इसलिए पुलिस अब पूरी तरह से डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों पर निर्भर है। जांच टीम ने प्रत्यक्षदर्शी डॉ. यश, उनके मित्र सचिन दुबे और अन्य तीन संबंधित व्यक्तियों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स का विश्लेषण करने का निर्णय लिया है। इस विश्लेषण के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि घटना के समय सभी संबंधित व्यक्तियों की वास्तविक लोकेशन क्या थी। इसके अलावा, यह भी देखा जाएगा कि घटना से ठीक पहले और बाद में किससे क्या बातचीत हुई थी। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि दर्ज किए गए बयानों और तकनीकी साक्ष्यों में कोई विरोधाभास तो नहीं है। इस मामले में तकनीकी साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इस घटना का संदर्भ 24 जुलाई 2026 की सुबह का है, जब डॉ. समीर और डॉ. सक्षम सिंह की जलाशय में डूबने से मौत हो गई थी। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, दोनों डॉक्टरों के परिवार वाले इसे एक हादसा मानने से इनकार कर रहे हैं और हत्या की आशंका जता रहे हैं। ऐसे में, पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच को तेज कर दिया है। डॉ. यश का बयान और उनके द्वारा दिए गए अन्य साक्ष्यों के आधार पर, पुलिस ने यह तय किया है कि सभी संबंधित लोगों के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स और लोकेशन डेटा की जांच की जाएगी। यह डेटा न केवल घटना के समय की स्थिति को स्पष्ट करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि क्या किसी प्रकार की साजिश या पूर्व नियोजित योजना थी।









