Modern Driving Institute in Jamshedpur: टाटा मोटर्स और झारखंड सरकार के बीच हुआ समझौता, हर साल 3000 चालक तैयार होंगे

जमशेदपुर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और कुशल चालकों की कमी को दूर करने के लिए झारखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को परिवहन विभाग और टाटा मोट
जमशेदपुर में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और कुशल चालकों की कमी को दूर करने के लिए झारखंड सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मंगलवार को परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिसके तहत राज्य का पहला इंस्टीट्यूट आफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च (आइडीटीआर) स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान टेल्को क्षेत्र के मनपीटा में बनेगा और इसके लिए 22.03 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस परियोजना का उद्देश्य हर साल 3000 चालकों को प्रशिक्षित करना है, ताकि सड़क सुरक्षा में सुधार किया जा सके। इस संस्थान का निर्माण सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर किया जाएगा, जो कि 11.88 एकड़ भूमि पर स्थापित होगा। 2015 में इस परियोजना के लिए प्रारंभिक प्रयास किए गए थे, लेकिन तब इसे आगे बढ़ाने में सफलता नहीं मिली थी। अब, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 12 मार्च को कैबिनेट ने इसकी डीपीआर को मंजूरी दी है। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार का सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय 17 करोड़ रुपये का अनुदान देगा, जबकि राज्य सरकार 3.21 करोड़ रुपये और टाटा मोटर्स अपने सीएसआर फंड से 1.82 करोड़ रुपये का योगदान देगी।
टाटा मोटर्स का लौहनगरी में एक प्रमुख प्लांट है और कंपनी का ऑटोमोबाइल सेक्टर में दशकों का अनुभव है। वह पहले से ही देश के कई राज्यों में आइडीटीआर का सफल संचालन कर रही है। इस तकनीकी विशेषज्ञता को देखते हुए सरकार ने इस संस्थान के संचालन का जिम्मा टाटा मोटर्स को सौंपा है, जबकि नीतिगत नियंत्रण और निगरानी सरकार के पास रहेगी। इस टियर-1 संस्थान में प्रशिक्षण की प्रक्रिया वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित होगी, जिससे चालकों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित किया जा सकेगा। यहां ड्राइविंग ट्रैक, सिमुलेटर, व्हीकल टेस्टिंग और प्रशिक्षक विकास केंद्र जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।









