Strict Action by Mohali Lok Adalat: गमाडा के खिलाफ संपत्तियों की कुर्की के वारंट जारी

मोहाली के एयरोसिटी में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) को एक गंभीर कानूनी झटका लगा है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब गमाडा ने आवंटित प्लॉट पर मूलभूत
मोहाली के एयरोसिटी में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) को एक गंभीर कानूनी झटका लगा है। यह कार्रवाई उस समय की गई जब गमाडा ने आवंटित प्लॉट पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफलता दिखाई। जिला लोक अदालत ने गमाडा के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उसकी चल और अचल संपत्तियों की कुर्की के वारंट जारी कर दिए हैं। अदालत ने यह आदेश तब दिया जब गमाडा ने स्थायी लोक अदालत के आदेश का पालन नहीं किया। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 3 अगस्त 2026 तक वारंट की तामील कर रिपोर्ट पेश करें। यह मामला एयरोसिटी ब्लॉक-बी के प्लॉट नंबर 1026 के आवंटी घनश्याम दास बंसल द्वारा दायर याचिका से संबंधित है। याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2011 में प्लॉट आवंटित होने के बावजूद गमाडा ने सड़क, सीवरेज, बिजली, स्ट्रीट लाइट और पार्क जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई। इसके साथ ही, आवंटी को प्लॉट का विधिवत कब्जा भी नहीं दिया गया, जिससे उसे मानसिक, आर्थिक और शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
स्थायी लोक अदालत ने 16 अप्रैल 2024 को गमाडा को आदेश दिया था कि वह एक महीने के भीतर प्लॉट का सीमांकन कर कब्जा दे और आवंटी को एक लाख रुपये मुआवजा और 25 हजार रुपये मुकदमा खर्च का भुगतान करे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि यदि 45 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। हालांकि, गमाडा द्वारा आदेश का पालन नहीं किए जाने पर आवंटी ने निष्पादन याचिका दायर की। इसके बाद अदालत ने ब्याज सहित 1,41,875 रुपये की वसूली के लिए कुर्की वारंट जारी कर दिए। इस राशि में 1.25 लाख रुपये मुआवजा एवं मुकदमा खर्च और 16 अप्रैल 2024 से आदेश जारी होने तक का 16,875 रुपये ब्याज शामिल है।









