Viral Sensation: मोहम्मद इरफान की संघर्ष की कहानी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (cjp) के प्रदर्शन के दौरान एक साधारण युवक मोहम्मद इरफान ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। इरफान, जो कभी स्कूल नहीं गए और मो
दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान एक साधारण युवक मोहम्मद इरफान ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। इरफान, जो कभी स्कूल नहीं गए और मोबाइल पर टाइप भी नहीं कर सकते, ने लोकतंत्र, संविधान और मजदूरों के अधिकारों पर अपनी विचारधारा इतनी सहजता से व्यक्त की कि उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। उनकी बातें सुनकर लोग हैरान रह गए कि एक बर्फ बेचने वाला युवक इन गहरी बातों को कैसे जानता है। इरफान ने बताया कि उन्होंने अपनी शिक्षा गूगल, यूट्यूब और इंटरनेट से प्राप्त की है। वह वॉयस सर्च का उपयोग करते हैं और वीडियो देखकर जानकारी हासिल करते हैं। उनका यह अनोखा तरीका लोगों को प्रेरित कर रहा है।
सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान इरफान ने अपने विचारों को साझा किया, जिसमें उन्होंने लोकतंत्र, संविधान और मजदूरों के अधिकारों पर जोर दिया। 'द लल्लनटॉप' के पत्रकार रजत पांडे ने बताया कि इरफान की बातें सुनकर उनके रोंगटे खड़े हो गए थे। इरफान ने न केवल संविधान की बातें की, बल्कि भगत सिंह की कविताओं की पंक्तियां भी सुनाईं। उनका संदेश सीधा था और उन्होंने समाज में असमानता और मजदूरों की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया। इरफान का यह वीडियो वायरल होने के बाद, लोगों ने उनकी तुलना किसी राजनीतिक विश्लेषक से नहीं, बल्कि एक आम नागरिक से की जिसने अपने अनुभवों से गहरी सोच विकसित की है।
दिल्ली की सावदा जेजे पुनर्वास कॉलोनी में रहने वाले इरफान की रोजमर्रा की जिंदगी संघर्ष से भरी है। वह बर्फ बेचकर लगभग 500 रुपये रोज कमाते हैं, जिससे उनका परिवार चलता है। इरफान ने बताया कि अगर घर में किसी की तबीयत खराब हो जाए, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि इलाज का खर्च कहां से आएगा। उनकी बातें मजदूरों की समस्याओं पर केंद्रित थीं, और उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की आवाज को उठाना बेहद जरूरी है। हाल ही में, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इरफान के घर जाकर उनसे बातचीत की और उन्हें संसद आने का निमंत्रण दिया। इरफान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने व्यक्तिगत मदद नहीं मांगी, बल्कि गरीबों और मजदूरों की जिंदगी बेहतर बनाने की दिशा में काम करने की बात की। उनकी यह लड़ाई उन लोगों के लिए है जिनकी आवाज अक्सर दब जाती है।









