Monsoon havoc in Himachal: मानसून के कहर से 1000 करोड़ का नुकसान

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में 30 जून को मानसून के आगमन के बाद से अब तक बादल फटने की नौ घटनाएं, अचानक बाढ़ और भूस्खलन के कारण राज्य को एक हजार करोड़ रुप
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में 30 जून को मानसून के आगमन के बाद से अब तक बादल फटने की नौ घटनाएं, अचानक बाढ़ और भूस्खलन के कारण राज्य को एक हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इस नुकसान में सड़कों के अलावा घरों, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण सोमवार को शिमला शहर के पांच स्थानों पर 12 पेड़ गिर गए, जिससे तीन वाहनों को नुकसान पहुंचा। हालांकि, इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। चौड़ा मैदान, लक्कड़ बाजार, माल रोड, कैथू और संजौली में भूस्खलन के कारण यातायात बाधित रहा। चौड़ा मैदान में पेड़ गिरने से दो वाहनों को नुकसान हुआ, लेकिन चालक सुरक्षित हैं। कैथू में भी एक वाहन को नुकसान हुआ है।
प्रदेश में पिछले चौबीस घंटों के दौरान सोलन के कंडाघटा में 106 मिलीमीटर, बिलासपुर के काहु में 40, कुल्लू जिले के कोठी में 39 और शिमला में 18 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश के दो जिलों बिलासपुर और सिरमौर में भारी वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मंडी, सोलन और शिमला में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। 29 जुलाई को कांगड़ा, शिमला और सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
राज्य में वर्तमान में 108 सड़कें बंद हैं, जिनमें मंडी में 39, कुल्लू में 33, शिमला में 11, सिरमौर में 9 और कांगड़ा में 5 सड़कें शामिल हैं। इन सड़कों को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, 9 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं और 38 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। प्रदेश में अब तक 226.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 3 प्रतिशत अधिक है। अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आई है, जबकि प्रदेश में सबसे अधिक तापमान ऊना और बिलासपुर में 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।









