Murder Case in Jhansi: जमीन विवाद और अपमान का बदला, 50 हजार की सुपारी देकर कराई हत्या
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झांसी में ग्राम प्रधान के बेटे संजय सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण खुलासा किया है। यह घटना इलाइट-सीपरी मार्ग स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई थी, जहा
झांसी में ग्राम प्रधान के बेटे संजय सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण खुलासा किया है। यह घटना इलाइट-सीपरी मार्ग स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई थी, जहां संजय सिंह की हत्या की गई। जांच में पता चला है कि इस हत्या की योजना जमीन कब्जे और तीन लाख रुपये के लेनदेन के विवाद के चलते बनाई गई थी। आरोपियों ने संजय की हत्या के लिए 50 हजार रुपये की सुपारी दी थी। रविवार की रात नवाबाद पुलिस और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस के अनुसार, संजय सिंह, धर्मेंद्र सिंह परिहार, अजय यादव और जितेंद्र यादव प्रॉपर्टी का कारोबार करते थे। संजय ने धर्मेंद्र के प्लॉट पर कब्जा कर लिया था, जिससे विवाद बढ़ गया। इस विवाद के चलते संजय ने धर्मेंद्र को कमरे में बंद कर मारपीट की थी और अजय यादव को दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की कोशिश की थी। इसी रंजिश के कारण हत्या की योजना बनाई गई। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अजय और धर्मेंद्र ने हुसैन उर्फ खड्ड, जितेंद्र यादव उर्फ जीतू और अजीम सैफी उर्फ दीम को हत्या की सुपारी दी थी। इसके लिए 50 हजार रुपये एडवांस दिए गए थे। घटना के दिन, 23 जुलाई की रात, संजय अपने परिचितों के साथ रेस्टोरेंट में खाना खा रहे थे, तभी हुसैन ने उनकी कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। बाहर जितेंद्र बाइक पर इंतजार कर रहा था, जबकि अजीम कार से बैकअप में मौजूद था। अजीम ने घटना के बाद जितेंद्र और हुसैन को अपनी कार से जिले की सीमा के बाहर सुरक्षित पहुंचाया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर करगुवांजी के पास घेराबंदी की, जहां आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में अजीम सैफी के पैर में गोली लगी, जबकि धर्मेंद्र सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो देशी तमंचे, दो जिंदा कारतूस और हत्या में प्रयुक्त कार बरामद की गई। घायल आरोपी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस अब हुसैन उर्फ खड्ड, जितेंद्र यादव उर्फ जीतू और अजय यादव की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हो गया था कि यह हत्या जमीनी विवाद के चलते हुई थी। घटनास्थल के आसपास के 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरा के फुटेज खंगाले गए, जिनमें हत्यारोपी और उनकी मदद करने वाले आरोपी दिखाई दिए। गिरफ्तार किए गए धर्मेंद्र ने पूरे मामले का खुलासा किया है और अब बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।









