Murder Case of Shraddha Walker: श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड में पुलिस अधिकारी के बयान पर बचाव पक्ष की जिरह

साकेत कोर्ट में चल रहे श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड मामले में मंगलवार को आरोपित आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ सुनवाई के दौरान इंस्पेक्टर दीपक के बयान पर बचाव पक्ष ने
साकेत कोर्ट में चल रहे श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड मामले में मंगलवार को आरोपित आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ सुनवाई के दौरान इंस्पेक्टर दीपक के बयान पर बचाव पक्ष ने जिरह की। बचाव पक्ष ने तात्कालिक परिस्थितियों और गिरफ्तारी के आधार पर सवाल उठाए। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने इस मामले में आगे की जिरह के लिए 29 जुलाई की तारीख निर्धारित की है। इससे पहले, सोमवार को बेंगलुरु के डीएनए विशेषज्ञ वीआर गिरनार के बयान पर भी जिरह की गई थी। इस मामले में वाट्सएप के नोडल आफिसर एड्रियन सिल्वेरा, गूगल की शेल्बी स्मिथ, गूगल (जीमेल) की आरती सेठ और बंबल के ल्यूक मित्सी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अपने बयान दर्ज कराए। यह सुनवाई इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है, जिसमें कई तकनीकी पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
इस मामले में 29 मई को सुनवाई की गति बढ़ाने के लिए यह निर्णय लिया गया था कि श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड की सुनवाई 20 जुलाई से 27 जुलाई तक प्रतिदिन की जाएगी। उल्लेखनीय है कि आठ जुलाई को कोर्ट ने सुनवाई की एक तारीख को रद कर दिया था। आरोपित आफताब अमीन पूनावाला की 20 जुलाई को एमए (सोशियोलॉजी) की परीक्षा थी, जो तिहाड़ जेल परिसर में स्थित इग्नू सेंटर में आयोजित की जानी थी। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में कुल आठ गवाहों से पूछताछ करने की योजना बनाई है, जो इस मामले की जटिलता को और बढ़ाते हैं। यह मामला 2023 से लंबित है, और इसकी सुनवाई में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मई 2022 में आफताब पूनावाला ने श्रद्धा वाल्कर की हत्या की थी। यह मामला तब उजागर हुआ जब नवंबर 2022 में श्रद्धा के माता-पिता ने उससे संपर्क करने की कोशिश की। इसके बाद महरौली थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस मामले की सुनवाई में शामिल सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, न्यायालय ने सभी गवाहों के बयान को सुनने का निर्णय लिया है। यह सुनवाई न केवल इस मामले की सच्चाई को उजागर करने में महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज में न्याय की प्रक्रिया पर भी प्रकाश डालती है।









