Nanda Devi Yatra: 5 से 30 सितंबर तक चलेगी ऐतिहासिक यात्रा

गोपेश्वर (चमोली) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, मां नंदा देवी बड़ी जात की यात्रा, जो 5 से 30 सितंबर तक आयोजित की जाएगी, की तैयारियों के तहत यात्रा समिति
गोपेश्वर (चमोली) से संवाद सहयोगी की रिपोर्ट के अनुसार, मां नंदा देवी बड़ी जात की यात्रा, जो 5 से 30 सितंबर तक आयोजित की जाएगी, की तैयारियों के तहत यात्रा समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने यात्रा के सफल आयोजन की कामना की। समिति के अध्यक्ष कर्नल (रिटा.) हरेंद्र सिंह रावत और उपाध्यक्ष सुखबीर रौतेला ने बदरीनाथ मंदिर के रावल अमरनाथ नंबूदरी, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों और सीमांत गांव बामणी तथा माणा के प्रतिनिधियों से भेंट की। इस बैठक में उन्हें बड़ी जात में शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया। यात्रा समिति ने सभी से यात्रा के सफल, शांतिपूर्ण और भव्य आयोजन के लिए सहयोग का आग्रह किया।
नंदा देवी बड़ी जात राज्य की आस्था, संस्कृति और लोक परंपराओं का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन माना जाता है। यह यात्रा मां नंदा को मायके से विदा कर हिमालय स्थित उनके ससुराल तक पहुंचाने की लोक परंपरा का प्रतीक है। इस यात्रा में प्रदेश के साथ-साथ देश-विदेश से भी हजारों श्रद्धालु और यात्री शामिल होते हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु मां नंदा की आराधना करते हैं और उनकी कृपा प्राप्त करने की कामना करते हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी जीवित रखने का एक माध्यम है।
पांच से 30 सितंबर तक चलने वाली इस यात्रा को लेकर विभिन्न क्षेत्रों में निमंत्रण दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु इस ऐतिहासिक एवं धार्मिक यात्रा में सहभागी बन सकें। यात्रा समिति ने सभी से अपील की है कि वे इस अवसर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और मां नंदा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करें। यह यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए आर्थिक और सांस्कृतिक विकास का भी एक साधन बनती है। समिति ने विश्वास जताया है कि इस बार की यात्रा पहले से भी अधिक भव्य और सफल होगी।









