National Conference Rebel MP's Initiative: जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग से आगे बढ़े रुहुल्ला

श्रीनगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के बागी सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने जम्मू-कश्मीर को केवल राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग से आगे बढ़
श्रीनगर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के बागी सांसद आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने जम्मू-कश्मीर को केवल राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग से आगे बढ़ते हुए अनुच्छेद 370 और प्रदेश के संवैधानिक भविष्य पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस संदर्भ में पांच अगस्त को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित करने की योजना बनाई है। यह कदम नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर उनके बढ़ते वैचारिक मतभेदों और राजनीतिक दृष्टिकोण में बदलाव का संकेत देता है। ऐसे में यह रुख पार्टी और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के लिए जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नई चुनौतियों का सामना करवा सकता है।
आगा सैयद रुहुल्ला मेहदी ने हमेशा से अनुच्छेद 370 और 35ए से संबंधित मुद्दों पर नेशनल कॉन्फ्रेंस की रणनीति से असहमति जताई है। उनका मानना है कि पार्टी को इस मुद्दे पर स्पष्ट नीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कई बार आरोप लगाया है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस अपने मूल राजनीतिक एजेंडे से पीछे हट रही है और केवल राज्य के दर्जे की बहाली तक सीमित हो गई है, जो जम्मू-कश्मीर की जनता के जनादेश के खिलाफ है। रुहुल्ला ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी नेतृत्व की आलोचना करते हुए कहा है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस भाजपा के रुख के करीब पहुंच रही है, जबकि भाजपा भी लंबे समय से जम्मू-कश्मीर को उचित समय पर राज्य का दर्जा बहाल करने की बात कहती रही है।
हाल ही में, 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा राज्य के दर्जे की बहाली की मांग को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन में भी रुहुल्ला शामिल नहीं हुए थे। अब अनुच्छेद 370 को निरस्त किए जाने की सातवीं वर्षगांठ के अवसर पर, उन्होंने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के स्पीकर्स हॉल में 'द जस्टिस कॉमन्स' के बैनर तले 'लिसनिंग टू जम्मू एंड कश्मीर: डायलॉग, डिग्निटी एंड डेमोक्रेटिक फ्यूचर' विषय पर सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस सम्मेलन में जम्मू-कश्मीर के विभिन्न राजनीतिक नेताओं के अलावा देश के प्रमुख राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं, नागरिक समाज संगठनों, कानूनविदों और बुद्धिजीवियों को आमंत्रित किया गया है। रुहुल्ला ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के माध्यम से सम्मेलन के विशेष सत्र 'लेट्स टॉक कश्मीर' में भाग लेने की अपील भी की है। उनके अनुसार, यह मंच जम्मू-कश्मीर की संवैधानिक यात्रा, लोगों के अनुभवों और प्रदेश के लोकतांत्रिक भविष्य पर विभिन्न पक्षों के बीच खुली और सार्थक चर्चा का अवसर प्रदान करेगा।









