NEET Paper Leak Protest: मुजफ्फरपुर में नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन में कार्रवाई तेज

मुजफ्फरपुर में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। इस मामले में इंटरने
मुजफ्फरपुर में नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। इस मामले में इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, एक युवती का वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा था, जिसमें वह मंत्री और अन्य लोगों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करती दिखाई दे रही है। वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की। इस मामले में युवती के अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपित बनाया गया है, और पुलिस उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान हुई तोड़फोड़ के बाद इंटरनेट मीडिया पर भड़काऊ और आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान नौ ब्लॉगर और यूट्यूबर को चिह्नित किया गया है, जिनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। पुलिस ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और पोस्ट को डिजिटल साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया है। इस बीच, प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर समेत शहर के विभिन्न इलाकों में तोड़फोड़ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। सोमवार को कई स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन किसी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
नगर थाना में इस मामले में 100 से अधिक लोगों के खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। पुलिस का दावा है कि आधा दर्जन से अधिक उपद्रवियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस ने पहले ही आठ आरोपितों की तस्वीर जारी कर उन पर इनाम की घोषणा की है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। संभावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए सोमवार को भी शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। वरीय पुलिस अधिकारी पूरे दिन सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने विभिन्न संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिसकर्मियों को अलर्ट मोड में रखा गया था।









