NEET Paper Leak: तकनीक नहीं, भरोसा टूटा, रिफॉर्म पैनल के सदस्य का बयान

नीट रिफॉर्म पैनल के सदस्य वी. कामकोटि ने हाल ही में नीट पेपर लीक मामले पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह घटना किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं हुई, बल्
नीट रिफॉर्म पैनल के सदस्य वी. कामकोटि ने हाल ही में नीट पेपर लीक मामले पर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह घटना किसी तकनीकी खराबी के कारण नहीं हुई, बल्कि यह भरोसे के टूटने का परिणाम है। उनका मानना है कि कोई भी एन्क्रिप्शन या तकनीकी उपाय उस व्यक्ति को नहीं रोक सकता जो पेपर सेट तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल है और बेईमानी करने का इरादा रखता है। कामकोटि ने स्पष्ट किया कि इस मामले में तकनीक की कमी नहीं, बल्कि भरोसे का अभाव था। आरोप है कि प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल एक व्यक्ति ने ही पेपर लीक किया था, जिससे परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रिफॉर्म्स का उद्देश्य छात्रों का भरोसा फिर से स्थापित करना है, और इसके लिए परीक्षा प्रणाली में दो महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया जाएगा: पेपर लीक की रोकथाम और पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली।
कामकोटि ने बताया कि नई तकनीक विकसित की जा रही है, जिससे परीक्षा की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किया जाएगा। उनका कहना है कि हर परीक्षा एक सबक सिखाती है और सिस्टम को लगातार सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल में आयोजित री-नीट परीक्षा बिना किसी प्रश्न पत्र लीक की घटना के सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि समिति परीक्षा की सुरक्षा के लिए शॉर्ट-टर्म, मीडियम-टर्म और लॉन्ग-टर्म सुधारों की सिफारिश करेगी। मौजूदा रिफॉर्म्स ने NTA से परीक्षा केंद्रों तक की प्रक्रिया को सुरक्षित किया था, लेकिन कथित गड़बड़ी उस चरण से पहले हुई थी, जब प्रश्न पत्र तैयार किया जा रहा था। यदि सिस्टम के अंदर के भरोसेमंद लोग ही सिस्टम से छेड़छाड़ करें, तो केवल तकनीकी उपायों से जोखिम को समाप्त नहीं किया जा सकता।









