NEET Protest Questions: प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार से पूछे सवाल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में नीट पेपर लीक के मामले में दिल्ली में हुए प्रदर्शनों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा न
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में नीट पेपर लीक के मामले में दिल्ली में हुए प्रदर्शनों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। उन्होंने सदन में कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल करने का जिम्मेदार कौन है? प्रियंका गांधी ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि क्या यह उचित है कि छात्रों पर इस तरह की हिंसक कार्रवाई की जाए? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या छात्रों को अपमानित करने और उनके कपड़े फाड़ने की आवश्यकता थी? क्या उन्हें आतंकवादी समझा गया था? प्रियंका गांधी ने स्पष्ट रूप से यह सवाल उठाया कि क्या गृह मंत्री इस पर जवाब देंगे या फिर यह आदेश प्रधानमंत्री ने दिया था। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी का सवाल नहीं है, बल्कि पूरे देश का सवाल है।
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि इस देश के माता-पिता, छात्र और शिक्षक सभी इस सवाल का जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि वह देश के युवाओं से क्यों डरती है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल के दिनों में हजारों बच्चे सड़कों पर उतरे हैं और उन्होंने अहिंसा और सच्चाई के मार्ग पर चलते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपने दर्द को व्यक्त किया है। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि सरकार को इस आवाज को दबाने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने यह सवाल उठाया कि क्या यह सही है कि छात्रों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की जाए, जबकि वे अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं।
इसके अलावा, प्रियंका गांधी ने संसद में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में शिक्षा मंत्री ने शर्मनाक हालात में इस्तीफा दिया और उसके बाद सत्ताधारी पार्टी के सांसदों ने संसद में जिंदाबाद के नारे लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह का स्वागत करना उचित नहीं है, जब एक मंत्री ने इस्तीफा दिया हो। प्रियंका गांधी ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह दर्शाता है कि सरकार के अंदर क्या चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह समय है कि सरकार अपने कार्यों पर विचार करे और छात्रों के साथ संवाद स्थापित करे।









