NEET Row: पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, नाबालिगों और बिना आपराधिक रिकॉर्ड वालों को रिहा करने के आदेश

नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि
नीट पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि पहली नजर में ऐसा मामला बनता है, जिसकी स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। कोर्ट ने संकेत दिए कि वह इस मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित कर सकता है। यह मामला NEET पेपर लीक के विरोध में देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस की कथित सख्ती और बल प्रयोग से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट की इन टिप्पणियों से संकेत मिले हैं कि अदालत इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच कराने की दिशा में आगे बढ़ सकती है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि नाबालिगों और जिनके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें रिहा किया जाना चाहिए। यह आदेश उन छात्रों के लिए राहत की खबर है, जो पुलिस की कार्रवाई के शिकार हुए थे। इस मामले में छात्रों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उन्हें बिना किसी कारण के हिरासत में लिया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन नहीं होना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि इस तरह की घटनाएं भविष्य में न हों। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जाना चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी तथ्यों को सही तरीके से सामने लाया जाए। इस प्रकार, सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है और यह सुनिश्चित किया है कि पुलिस की कार्रवाई पर उचित निगरानी हो।









