New Building Regulations in UP: औद्योगिक प्राधिकरणों में बहुमंजिला इमारतों की अनुमति

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के क्षेत्रों में भवन निर्माण को लेकर एकरूपता लाने के लिए एकीकृत माडल भवन विनियम-2026 को लागू क
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के क्षेत्रों में भवन निर्माण को लेकर एकरूपता लाने के लिए एकीकृत माडल भवन विनियम-2026 को लागू करने की योजना बना रही है। यह नया नियम औद्योगिक क्षेत्रों में बहुमंजिला इमारतों के निर्माण को सरल बनाएगा। प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन पी. गुरु प्रसाद की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय समिति ने विभिन्न राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर इस मसौदे को तैयार किया है। इसके लागू होने के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण और अन्य प्राधिकरणों के क्षेत्रों में औद्योगिक भवनों के निर्माण में एकरूपता आएगी। यह पहल औद्योगिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मंगलवार को पिकप भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी के समक्ष एकीकृत माडल भवन विनियम-2026 का मसौदा प्रस्तुत किया गया। नई व्यवस्था के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में भूखंडों के अधिकतम उपयोग के लिए वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे भवनों की ऊंचाई को लेकर पाबंदियों में ढील दी जाएगी। सड़क की चौड़ाई के अनुसार एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) को बढ़ाने की अनुमति दी जाएगी, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में जगह की कमी को देखते हुए फ्लैटेड फैक्ट्री के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, अधिकतम 100 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखंडों और 30 वर्ग मीटर तक के वाणिज्यिक भूखंडों के लिए स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी।









