New Education Minister's Challenges: क्या 25 लाख अभ्यर्थियों का खोया भरोसा लौटा पाएंगे नए शिक्षा मंत्री?

देशभर में नीट-यूजी विवाद और जंतर-मंतर पर युवाओं का भारी आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हो चुका है। अब प्रह्लाद जोशी नए शिक्षा मंत्री के रूप मे
देशभर में नीट-यूजी विवाद और जंतर-मंतर पर युवाओं का भारी आंदोलन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद समाप्त हो चुका है। अब प्रह्लाद जोशी नए शिक्षा मंत्री के रूप में कार्यभार संभाल चुके हैं। लेकिन इस समय शिक्षा मंत्रालय की कुर्सी किसी कांटों के ताज से कम नहीं है। केंद्र और राज्य स्तर पर कई प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिले हैं, लेकिन देश के 25 लाख से अधिक अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों का डगमगाया हुआ भरोसा बहाल करना इस मंत्रालय के इतिहास की सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के सामने इस समय कई महत्वपूर्ण चुनौतियाँ हैं, जिनका समाधान करना आवश्यक है। सबसे पहली चुनौती है नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का पुनर्गठन और लीक-प्रूफ ऑनलाइन मोड (CBT) लागू करना। पेपर लीक के कारण NTA की साख पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। नंदन नीलेकणि की अगुवाई में गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स की सिफारिशों को लागू करना और पेपर-पेन मोड से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) की ओर सुरक्षित ट्रांजिशन सुनिश्चित करना शिक्षा मंत्रालय के लिए एक बड़ी चुनौती है। NTA के आंतरिक तंत्र से 'काली भेड़ों' को बाहर निकालकर एजेंसी को पूरी तरह पारदर्शी बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए।
दूसरी चुनौती है 'सख्त एंटी-पेपर लीक कानून' और फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन। यह देखा गया है कि केवल अधिकारियों पर कार्रवाई करने या परीक्षा रद्द करने से माफिया का दुस्साहस कम नहीं हो रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे नए एंटी-पेपर लीक कानून के तहत विशेष टास्क फोर्स (STF) और फास्ट-ट्रैक कोर्ट्स का गठन भी एक चुनौती है। दोषी पाए जाने वाले अंतरराज्यीय नकल माफियाओं पर ऐसी नज़ीर पेश करना आवश्यक है, जिससे भविष्य में कोई भी युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। इसके अलावा, आंदोलनकारी छात्रों पर दर्ज FIR और 5-पॉइंट चार्टर पर रोडमैप तैयार करना भी महत्वपूर्ण है। जंतर-मंतर पर 35 से अधिक दिनों तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद स्थिति को सामान्य करना आवश्यक है। विपक्षी नेताओं और सीनियर वकीलों की सलाह के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज सभी गैर-वाजिब मुकदमों को वापस लेने का समझौता हुआ है।









