New Halfway Home in Bhojpur: जगदीशपुर में बनेगा 100 बेड का हाफ वे होम, मानसिक रूप से ठीक मरीजों को मिलेगा आशियाना

भोजपुर जिले के जगदीशपुर में जल्द ही 100 बेड का हाफ वे होम स्थापित किया जाएगा, जिससे मानसिक बीमारी से ठीक हो चुके अज्ञात मरीजों को अपने जिले में पुनर्वास की सुवि
भोजपुर जिले के जगदीशपुर में जल्द ही 100 बेड का हाफ वे होम स्थापित किया जाएगा, जिससे मानसिक बीमारी से ठीक हो चुके अज्ञात मरीजों को अपने जिले में पुनर्वास की सुविधा मिलेगी। समाज कल्याण विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया है, जो कि बिमहास, कोईलवर के निदेशक डॉ. जयेश रंजन द्वारा तैयार किया गया है। हाल ही में बिहार राज्य मानसिक स्वास्थ्य सह सहबद्ध विज्ञान संस्थान के निरीक्षण पर पहुंचे चीफ जस्टिस ने इस दिशा में निर्देश दिए थे। हाफ वे होम में 50 बेड पुरुषों और 50 बेड महिलाओं के लिए होंगे, जिससे दोनों वर्गों के मरीजों को समान रूप से लाभ मिलेगा। इसके निर्माण के लिए जगदीशपुर में उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है।
डॉ. जयेश रंजन ने बताया कि वर्तमान में बिमहास से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके अज्ञात मरीजों को भागलपुर और पटना स्थित हाफ वे होम भेजा जाता है। ऐसे मरीजों की संख्या एक सौ तक पहुंच चुकी है, जिनमें से 25 अज्ञात हैं। जिन मरीजों के परिवार वाले उन्हें घर नहीं ले जा रहे थे, उन्हें लीगल और पुलिस टीम द्वारा उनके घर भेजा गया है। नए हाफ वे होम के खुलने से मरीजों को बाहर भेजने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे पुनर्वास की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। यह कदम मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो मरीजों को उनके घर के नजदीक ही पुनर्वास की सुविधा प्रदान करेगा।
हाफ वे होम एक अस्थायी आवासीय पुनर्वास केंद्र है, जहां मानसिक बीमारी से स्वस्थ हो चुके लोगों, नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आए व्यक्तियों और जेल से रिहा हुए कैदियों को सामान्य जीवन में लौटने के लिए सुरक्षित और सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराया जाता है। इस केंद्र में रहने, भोजन, दवा, परामर्श और पुनर्वास से जुड़ी अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए तैयार करना है। इस प्रकार की सुविधाएं न केवल मरीजों के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी एक नई उम्मीद लेकर आएंगी।









