New Industrial Policy Launched in Haryana: 55 Thousand Crore Investment Expected, 5 Lakh Jobs to be Created

हरियाणा सरकार ने प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति का अनावरण किया है, जिसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में 55 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाना और पांच लाख
हरियाणा सरकार ने प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति का अनावरण किया है, जिसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में 55 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाना और पांच लाख से अधिक नए रोजगार उत्पन्न करना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस नई नीति को मंजूरी दी गई। यह नीति राज्य के 14 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए अब तक का सबसे व्यापक सुधार पैकेज मानी जा रही है। इस नीति के तहत सरकार ने 60 परिवर्तनकारी पहल शुरू करने का निर्णय लिया है, जो प्रदेश गठन के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर की गई है। यह नीति वित्त, आधारभूत ढांचा, तकनीक, निर्यात, कौशल विकास और सतत विकास जैसे छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इसका उद्देश्य उद्योगों की स्थापना से लेकर उत्पादन, तकनीकी उन्नयन और वैश्विक बाजार तक पहुंच के लिए एकीकृत सहायता प्रदान करना है। विशेष रूप से महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर उद्यमियों, पूर्व सैनिकों, अग्निवीरों और पहली बार उद्योग शुरू करने वालों के लिए प्रोत्साहन प्रावधान किए गए हैं।
नई नीति में कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार आधारित योजनाओं को भी शामिल किया गया है। हरियाणा उद्यम विकास मिशन का शुभारंभ किया जाएगा, जिसके अंतर्गत चिन्हित क्षेत्रों के एमएसएमई और निर्यातकों को पूंजी निवेश पर सब्सिडी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, ब्याज अनुदान, स्टांप ड्यूटी की प्रतिपूर्ति, रोजगार सृजन प्रोत्साहन, बीमा सहायता, परीक्षण प्रयोगशालाओं, आटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। उद्योगों को बिना अधिक जमानत के ऋण उपलब्ध कराने के लिए स्टेट वेंचर कैपिटल फंड और सेक्टोरल क्रेडिट गारंटी फंड स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस नई नीति का एक प्रमुख आधार क्लस्टर आधारित विकास है, जिससे छोटे उद्योगों को आधुनिक मशीनरी और साझा औद्योगिक ढांचे का लाभ कम लागत पर मिल सकेगा।









