New SIT Formed: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावा चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य ब
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावा चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्कों पर ध्यान दिया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि मामले की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक नई विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस नई SIT की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई है, जो मामले की गहनता से जांच करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, लखनऊ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस को इस SIT का प्रमुख बनाया गया है। इसके अलावा, अयोध्या रेंज के उप पुलिस महानिरीक्षक सोमेन बर्मा और अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर को भी इस टीम में शामिल किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी सुझाव दिया कि वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के लिए SIT में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को शामिल किया जाना चाहिए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस सुझाव पर सहमति जताते हुए अदालत को आश्वस्त किया कि एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को टीम में शामिल किया जाएगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसका मुख्य ध्यान राम मंदिर चंदा चोरी मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने पर है। उन्होंने कहा कि 'हमें तेजी से, गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करनी चाहिए।' यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि मामले से जुड़ी सभी जानकारी सही और स्पष्ट रूप से प्रस्तुत की जाए।
सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि राम मंदिर ट्रस्ट को मिली सभी रसीदों को क्षेत्रवार वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाए, ताकि आम जनता को इसकी पूरी जानकारी मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई विरोधात्मक याचिका नहीं है, बल्कि पारदर्शिता के लिए आवश्यक है। हालांकि, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस सुझाव का विरोध किया और कहा कि इस संवेदनशील मामले को बिना वजह सनसनीखेज नहीं बनाया जाना चाहिए। अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों की बातों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया।









