New Train Services in Jharkhand: झारखंड की कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए 25 नई ट्रेनें

रांची। झारखंड की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए रांची रेल मंडल ने 25 नई ट्रेन सेवाओं की योजना बनाई है। यह निर्णय यात्री मांग, औद्योगिक आवश्यकताओं और बढ़त
रांची। झारखंड की रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए रांची रेल मंडल ने 25 नई ट्रेन सेवाओं की योजना बनाई है। यह निर्णय यात्री मांग, औद्योगिक आवश्यकताओं और बढ़ते रेल यातायात को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रस्तावित नई सेवाओं में वंदे भारत, अमृत भारत और क्षेत्रीय मेमू ट्रेनें शामिल हैं। हालांकि, इन योजनाओं को अंतिम रूप देने के लिए रेलवे बोर्ड और दक्षिण-पूर्व रेलवे मुख्यालय की मंजूरी आवश्यक होगी। इस बीच, रांची रेल मंडल ने प्रमुख ट्रेनों में अतिरिक्त कोच जोड़ने और यात्री सुविधाओं में वृद्धि का भी प्रस्ताव रखा है, जिससे प्रतीक्षा सूची को कम करने का प्रयास किया जा सके। रांची रेल मंडल के अधिकारियों का मानना है कि रांची से दक्षिण, पश्चिम और उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी रेल सेवाओं की कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, अहमदाबाद, जयपुर, भोपाल, इंदौर, नागपुर और सूरत जैसे शहरों के लिए नई ट्रेन सेवाओं की मांग बढ़ रही है। इसके साथ ही धार्मिक और शैक्षणिक केंद्रों जैसे अयोध्या, प्रयागराज, लखनऊ और वाराणसी के लिए भी अतिरिक्त ट्रेन सेवाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही है। योजना के तहत रांची से भुवनेश्वर, टाटानगर और पटना के लिए नई वंदे भारत सेवाओं का प्रस्ताव भी प्रमुखता से रखा गया है। वर्तमान में रांची-वाराणसी वंदे भारत को यात्रियों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है, जिससे अन्य मार्गों पर तेज गति की ट्रेनों की संभावना बढ़ी है।
नई ट्रेन सेवाओं का संचालन तभी संभव होगा जब रेल अवसंरचना का विस्तार समानांतर रूप से किया जाए। इस दिशा में रांची-हटिया तीसरी और चौथी लाइन, स्टेशन पुनर्विकास और अन्य क्षमता वृद्धि परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। रेलवे का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ाने में आसानी होगी। रांची-लोहरदगा, रांची-टोरी, हटिया-बरकाकाना, रांची- बोकारो-धनबाद और रांची-मुरी खंडों पर नई मेमू सेवाएं शुरू करने या उनकी संख्या बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, रांची मंडल के भीतर स्थानीय रेल नेटवर्क को मजबूत करने की तैयारी की जा रही है, जिससे रोजाना नौकरी, शिक्षा और व्यापार के लिए यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी। रेल बजट 2026-27 में झारखंड के लिए 7,536 करोड़ रुपये का प्रावधान भी राज्य के रेल नेटवर्क के विस्तार को गति देने में सहायक माना जा रहा है। रेलवे के अनुसार, राज्य में हजारों करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं पर काम जारी है, जिनका लाभ भविष्य में नई ट्रेन सेवाओं के रूप में मिलने की संभावना है।









