Task Force led by Nilekani: पेपर लीक को खत्म करने के लिए नई रणनीति

भारत की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली को समाप्त करने के लिए मोदी सरकार ने एक नई हाई सुपर टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व टेक्
भारत की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली को समाप्त करने के लिए मोदी सरकार ने एक नई हाई सुपर टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स का नेतृत्व टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञ नंदन नीलेकणी कर रहे हैं, जिनका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इस टास्क फोर्स को तकनीकी समाधान और डेटा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना होगा। यह टास्क फोर्स न केवल सुझाव देगी, बल्कि परीक्षा की प्रक्रिया में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएगी। इससे पहले, 2024 में नीट पेपर लीक के आरोपों के बाद डॉ. के राधाकृष्णन की अगुवाई में एक कमेटी बनाई गई थी, जिसने 101 सिफारिशें दी थीं, लेकिन उन्हें लागू नहीं किया गया। अब नीलेकणि की टीम का उद्देश्य उन सिफारिशों से आगे बढ़कर एक मजबूत और प्रभावी परीक्षा प्रणाली तैयार करना है।
नीलेकणि की टीम पारंपरिक सरकारी कमेटियों से अलग है। इस टीम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो परीक्षा प्रणाली के हर पहलू पर ध्यान देंगे। पहले की कमेटियों में आमतौर पर एक ही क्षेत्र के लोग होते थे, जबकि नीलेकणि की टीम एक मल्टीडिसिप्लिनरी कमांडो यूनिट की तरह काम करेगी। इस टीम में शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, सुरक्षा और प्रशासन के शीर्ष विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टास्क फोर्स परीक्षा के हर चरण को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एक फुल-प्रूफ डिजिटल शील्ड तैयार करेगी। इसके साथ ही, यह सुनिश्चित करेगी कि परीक्षा प्रक्रिया में कोई भी लीक या धोखाधड़ी न हो।
इस हाई-पावर्ड टीम का मुख्य कार्य AI-संचालित डिजिटल परीक्षा मॉडल तैयार करना, एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन और जीरो-लीकेज आर्किटेक्चर विकसित करना है। नीलेकणि की टीम परीक्षा की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए ठोस कदम उठाएगी। यह टास्क फोर्स परीक्षा की हर प्रक्रिया को पुनर्गठित करने का कार्य करेगी, जिससे छात्रों और लोगों का भरोसा फिर से कायम हो सके। यदि यह टीम अपनी योजना को सफलतापूर्वक लागू करने में सफल होती है, तो यह परीक्षा सुधारों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी।









