Nodal Officers Appointed in West Bengal Municipalities: नागरिक सेवाओं में होगा सुधार

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन के बाद, कई नगर निगमों और नगरपालिकाओं में मेयर और चेयरमैन के इस्तीफे के चलते प्रशासनिक स्थिति कमजोर हो
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन के बाद, कई नगर निगमों और नगरपालिकाओं में मेयर और चेयरमैन के इस्तीफे के चलते प्रशासनिक स्थिति कमजोर हो गई है। इस स्थिति को सुधारने के लिए राज्य सरकार ने नागरिक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। नगर विकास एवं नगरपालिका मामलों के विभाग ने यह निर्णय लिया है कि प्रत्येक नगर निगम और नगरपालिका के शिकायत प्रकोष्ठ (ग्रिवांस सेल) की जिम्मेदारी एक-एक नोडल अधिकारी को दी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मंत्री अग्निमित्रा पाल ने मंगलवार को विभाग के मुखोमुखी कार्यक्रम में इस नई व्यवस्था की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सभी नगर निगमों और नगरपालिकाओं के शिकायत प्रकोष्ठ की जिम्मेदारी नोडल अधिकारियों को दी जाएगी। ये प्रकोष्ठ सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे, ताकि नागरिक अपनी समस्याएं दर्ज करा सकें और उनका समाधान किया जा सके। मंत्री ने यह भी कहा कि केवल मुखोमुखी कार्यक्रम आयोजित करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि नागरिकों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
इस नई व्यवस्था के तहत, विभाग के अधिकारी शांतनु नाहा को पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी दी गई है। वह नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय कर नागरिकों की समस्याओं की पहचान करेंगे और उनके समाधान की निगरानी करेंगे। यह कदम राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद तृणमूल कांग्रेस द्वारा संचालित कई नगर निगमों और नगरपालिकाओं के मेयर, चेयरमैन और पार्षदों के इस्तीफे के संदर्भ में उठाया गया है। कई जनप्रतिनिधियों के नियमित रूप से नगर निकाय कार्यालय नहीं पहुंचने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे नगर निगमों और नगरपालिकाओं का कामकाज प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, राज्य सरकार ने नागरिक सेवाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।









