Fraudulent Call Center Raided: नोएडा में लाखों की ठगी का पर्दाफाश

नोएडा में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को नामी मैनपावर कंपनियों में गार्ड और सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के नाम पर ठग रहा था। सेक्टर
नोएडा में पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को नामी मैनपावर कंपनियों में गार्ड और सुपरवाइजर की नौकरी दिलाने के नाम पर ठग रहा था। सेक्टर 20 थाना पुलिस ने इस गिरोह के सरगना समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अपने नाम से बनी मैनपावर कंपनी की आड़ में लोगों को ठगने का काम कर रहा था। पुलिस को मिली तीन शिकायतों के आधार पर इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ। गिरोह ने डेढ़ साल में लगभग दो हजार लोगों से लाखों रुपये की ठगी की है। पुलिस ने जब शिकायतों का संज्ञान लिया, तो उन्हें सेक्टर 27 में एक फर्जी कॉल सेंटर का पता चला। वहां से चार महिलाओं समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, गिरोह की सरगना स्वेता सिंह उर्फ प्रिया है, जो उन्नाव के गीता कांवेट गंगा घाट की निवासी है। अन्य आरोपितों में नोएडा सेक्टर 22 की नीजू यादव, रूपेश कुमार, दिल्ली न्यू अशोक नगर की कीर्ति सिंह उर्फ मीरा, अशोकनगर की पूजा, और हापुड़ पिलखुवा के गढ़ी मोहल्ले के आमीर राणा शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन, 11 फीस बुक, चार रसीद बुक, 22 प्रचार प्रसार पंपलेट, और 20 भरे रिक्रूट फार्म बरामद किए हैं। सभी आरोपित ग्रेजुएट हैं और ठगी के इस खेल में सक्रिय रूप से शामिल थे।
पुलिस की पूछताछ में यह भी पता चला है कि गिरोह ने जस्टडायल पर विज्ञापन देकर और विभिन्न स्थानों पर पर्चे चिपकाकर नौकरी दिलाने का प्रचार किया। जब लोग इनसे संपर्क करते थे, तो पंजीकरण, साक्षात्कार, फाइल चार्ज, यूनिफार्म और मेडिकल जांच के नाम पर तीन हजार रुपये तक की रकम वसूल की जाती थी। विश्वास दिलाने के लिए आरोपित रसीद भी काटकर देते थे और जल्द ही नियुक्ति पत्र मिलने का आश्वासन देते थे, लेकिन अंततः नौकरी नहीं लगाई जाती थी। जब लोग दोबारा संपर्क करते थे, तो उन्हें टरकाया जाता था या फोन नहीं उठाया जाता था। इस प्रकार, ठगी के इस मामले में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थीं और ठगी की गई रकम को आपस में बांट लेती थीं।









