Oil adulteration case in Mainpuri: मैनपुरी में मिलावटी तेल का बड़ा खुलासा, 3000 लीटर संदिग्ध ऑयल जब्त

मैनपुरी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए घिरोर क्षेत्र में तीन हजार लीटर संदिग्ध रिफाइंड राइस ब्राउन ऑयल जब्त किया है। यह
मैनपुरी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए घिरोर क्षेत्र में तीन हजार लीटर संदिग्ध रिफाइंड राइस ब्राउन ऑयल जब्त किया है। यह कार्रवाई सोमवार दोपहर को की गई, जब अधिकारियों को सूचना मिली कि दूसरे जिलों से मिलावट का कारोबार चल रहा है। इस संदिग्ध ऑयल की कीमत लगभग 4.58 लाख रुपये आंकी गई है। अधिकारियों ने पूरी खेप को सीज कर दिया है और इसे दुकानदार की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। इस कार्रवाई के पीछे मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एके पाठक का नेतृत्व था, जिन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार के साथ मिलकर घिरोर रोड पर निगरानी बढ़ा दी थी।
जब बोलेरो पिकअप वाहन को रुकवाया गया, तो उसमें 15 ड्रम में रखा संदिग्ध ऑयल पाया गया। चालक ने बताया कि यह ऑयल फिरोजाबाद के मेसर्स आईए इंटरप्राइजेज से लाया गया था और इसे मैनपुरी के विभिन्न स्थानों पर सप्लाई किया जाना था। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अलग-अलग ड्रम से नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए लैब में भेज दिया है। जांच के परिणाम आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में शिकायत के आधार पर जांच की गई है, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मिलावट के इस कारोबार पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस प्रकार की मिलावट से न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर खतरा मंडराता है, बल्कि यह खाद्य सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा मुद्दा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे इस प्रकार के मामलों में सख्त कार्रवाई करेंगे और मिलावटखोरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। डा. श्वेता सैनी, सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने एक बार फिर से खाद्य सुरक्षा की गंभीरता को उजागर किया है और यह दर्शाता है कि प्रशासन इस दिशा में गंभीर है।









