Oil Allocation in Rewari: अगस्त में 1.29 लाख राशन कार्डधारकों को नहीं मिलेगा सरसों का तेल

रेवाड़ी जिले के राशन कार्डधारकों के लिए अगस्त माह एक निराशाजनक खबर लेकर आया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी की गई राशन एलोकेशन के अनुसार, इस महीने लाभार
रेवाड़ी जिले के राशन कार्डधारकों के लिए अगस्त माह एक निराशाजनक खबर लेकर आया है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जारी की गई राशन एलोकेशन के अनुसार, इस महीने लाभार्थियों को दो लीटर सरसों का तेल नहीं मिलेगा। इससे जिले में लगभग 4.70 लाख लाभार्थी प्रभावित होंगे। आमतौर पर, हर महीने की 10 तारीख को अगले महीने के लिए राशन का आवंटन किया जाता है, लेकिन इस बार केवल गेहूं और चीनी का ही आवंटन किया गया है। सरसों के तेल का आवंटन न होने के कारण लाभार्थियों को बाजार से महंगे दामों पर तेल खरीदना पड़ेगा। सरकार की योजना के अनुसार, लाभार्थियों से 100 रुपये लेकर उन्हें दो लीटर सरसों का तेल दिया जाता था, लेकिन अब यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
बाजार में सरसों के तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जो प्रति लीटर 175 रुपये से अधिक हो गई हैं। ऐसे में लाभार्थियों को अब बाजार से तेल खरीदने के लिए अधिक पैसे खर्च करने होंगे। सरकार ने डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि भेजने की योजना बनाई है, लेकिन यह योजना भी तब तक प्रभावी नहीं होगी जब तक कि आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया जाता। पिछले साल सरकार ने लक्ष्य से अधिक सरसों खरीदी थी, लेकिन इस बार किसानों ने एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से अधिक दाम मिलने पर अपनी फसल निजी व्यापारियों को बेच दी, जिससे सरकारी खरीद प्रभावित हुई।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस बार पीडीएस (पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम) के लिए पर्याप्त स्टॉक नहीं हो सका, जिसके कारण अगस्त से तेल वितरण पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है। हैफेड ने 10 जुलाई से सरसों के तेल की कीमत में 10 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है, जिससे यह 175 रुपये प्रति लीटर हो गई है। अब सरकार लाभार्थियों के लिए तेल के बदले सीधे उनके बैंक खातों में राशि भेजने के विकल्प पर विचार कर रही है। इस संबंध में अधिकारिक आदेश आने के बाद लाभार्थियों को सूचित किया जाएगा। इस निर्णय से राशन कार्डधारकों में चिंता और असंतोष का माहौल है, क्योंकि उन्हें अब बाजार में महंगे दामों पर सरसों का तेल खरीदना पड़ेगा।









